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Panchkula News: पंचकूला नगर निगम चुनाव की सरकार ने अधिसूचना जारी की

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एससी वर्ग के लिए 3 सीटें आरक्षित, 1 सीट पर महिलाएं ठोकेंगी ताल
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2011 की जनगणना के आंकड़ों को बनाया आधार

20 वार्डों वाले निगम में अनुसूचित जाति की कुल आबादी 41,467 दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम पंचकूला के आगामी आम चुनावों के लिए अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए सीटों के आरक्षण की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में 10 अप्रैल, 2026 को जारी की गई।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार पंचकूला नगर निगम में कुल 20 वार्ड (सीटें) हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार मानते हुए एससी वर्ग के लिए कुल 3 सीटें तय की गई हैं। नियमों के मुताबिक इन तीन सीटों में से 1 सीट अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई है। इस अधिसूचना के बाद अब शहर में चुनावी सरगर्मियां तेज होने की उम्मीद है।
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जनगणना 2011 के आंकड़ों पर आधारित फैसला

प्रशासन ने पंचकूला नगर निगम क्षेत्र की वर्तमान सीमा में आने वाली जनसंख्या के आधार पर यह निर्णय लिया है। आंकड़ों के अनुसार, कुल जनसंख्या 2,67,413 है। इनमें अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या 41,467 है।


गांवों और शहरी क्षेत्रों की जनसंख्या का गणित

अधिसूचना के साथ संलग्न सूची (अनुबंध) में निगम के तहत आने वाले 21 क्षेत्रों और गांवों की जनसंख्या का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। इसमें पंचकूला शहरी क्षेत्र की कुल आबादी 2,11,355 है, जिसमें एससी आबादी 28,325 दर्ज की गई है। वहीं प्रमुख गांव चंडीमंदिर (9051), सकेतड़ी (5761), बीड़ घग्गर (4943) और रामगढ़ (4934) जैसे क्षेत्रों की जनसंख्या को भी इस आरक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसमें सबसे कम आबादी, टोका (795) और जसवंतगढ़ (618) जैसे छोटे गांवों की जनसंख्या भी चुनावी वार्डबंदी का हिस्सा है।
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सामान्य व पिछड़ा वर्ग का जिक्र न होने से फंसा पेच

पंचकूला। हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा पंचकूला नगर निगम के आगामी चुनावों के मद्देनजर जारी की गई अधिसूचना पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। विभाग ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अनुसूचित जातियों के लिए केवल 3 वार्ड आरक्षित करते हुए नोटिफिकेशन प्रकाशित किया है लेकिन इसमें सामान्य और पिछड़ा वर्ग की सीटों का कोई ब्योरा नहीं है। यह कहना है एडवोकेट रविंद्र रावल का। उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी 4 सितंबर 2025 की सीट फिक्सेशन और 31 दिसंबर 2025 की वार्डबंदी अधिसूचना को हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल 2026 को रद्द कर दिया था। हालांकि, सरकार की रिव्यू पिटीशन पर न्यायालय ने 2011 की जनगणना के आधार पर एससी सीटें निर्धारित करने की मंजूरी तो दी लेकिन रद्द की गई पुरानी अधिसूचना के शेष भाग को बहाल नहीं किया। वर्तमान स्थिति यह है कि पुरानी वार्डबंदी रद्द हो चुकी है और नई अधिसूचना में केवल एससी वर्ग का ही उल्लेख है। ऐसे में सामान्य वर्ग के लिए फिक्स की गई सीटों और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने वाली सीटों की जानकारी न होने से यह नोटिफिकेशन अधूरा है।
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