चंडीगढ़। फीड के मूल्य में हुई वृद्धि के कारण पंजाब के डेयरी धंधे से जुड़े दूध उत्पादकों की बुरी वित्तीय हालत को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने मंगलवार को एक बार फिर 35 रुपये प्रति किलो फैट के हिसाब से वृद्धि कर दी है। इससे पहले 21 मई को भी सरकार की ओर से 20 रुपये का विस्तार किया गया था। 21 मई से अब तक दूध खरीद मूल्य में 55 रुपये प्रति किलो फैट के हिसाब से विस्तार किया जा चुका है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि डेयरी किसानों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा लेकिन आम लोगों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, उन्हें पुराने मूल्य पर ही दूध मिलेगा।
मंगलवार को सचिवालय में डेयरी किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सहकारिता मंत्री हरपाल सिंह चीमा और डेयरी विकास मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के साथ बैठक के दौरान लगातार बढ़ रही पशु खुराक की कीमतों और अन्य लागतों में हो रही वृद्धि से निपटने के लिए वित्तीय सहायता करने की मांग की थी।
सहकारिता मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से ऐसी वित्तीय सहायता पहली बार दी गई है जिस कारण यह फैसला ऐतिहासिक है। आने वाले समय में भी दूध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों के लिए और ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड की तरफ से दूध उत्पादकों को हमेशा दूध की ऊंची खरीद कीमतें दी जाती रही हैं, खास कर कोविड महामारी के समय के दौरान जब प्राइवेट खरीदारों ने दूध खरीदना बंद कर दिया था और दूध के मूल्य घटा दिए थे तो मिल्कफेड ने अपने सीमित साधनों के बावजूद दूध उत्पादकों को वाजिब दूध खरीद रेट दिए।
अब तक की गई वृद्धि
मिल्कफेड के मैनेजिंग डायरेक्टर कमलदीप सिंह संघा ने बताया कि मिल्कफेड पंजाब की तरफ से पहले भी 1 मार्च, 2022 को 20 रुपये प्रति किलो फैट, 1 अप्रैल, 2022 को 20 रुपये प्रति किलो फैट और 21 अप्रैल, 2022 को दूध की खरीद कीमतों में 10 रुपये प्रति किलो फैट का विस्तार किया था। अब बढ़ाए 55 रुपये के हिसाब से करीब ढाई महीने में ही कुल 105 रुपये प्रति किलो फैट का विस्तार किया जा चुका है।