पंचकूला। सेक्टर-12ए के श्री हरिहर मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन दिवस श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। कथा व्यास आचार्य विवेक वशिष्ठ ने अंतिम दिन श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
आचार्य ने कथा के दौरान श्रीकृष्ण की 16 हजार पटरानियों का उल्लेख करते हुए अनिरुद्ध विवाह प्रसंग का सुंदर चित्रण किया। समापन दिवस पर सुदामा चरित्र की प्रस्तुति ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि सच्ची मित्रता में न कोई बड़ा होता है, न छोटा, बल्कि समानता और निष्कपट भाव ही उसका आधार होता है।
कथा में सुदामा की गरीबी, उनका स्वाभिमान और श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम का भावपूर्ण वर्णन किया गया। श्रीमद् भागवत कथा मोक्ष प्रदान करने वाली है, जैसे राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई। समापन अवसर पर मंदिर कमेटी प्रधान सतपाल गोयल ने कथा व्यास एवं वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया। इस दौरान उपप्रधान नरेश कुमार गोयल, महासचिव केके शर्मा, कोषाध्यक्ष रजनीश बंसल व सचिव जीवन कुमार सिंगला सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।