सड़कें टूटी, मकान गिरे व घरों के अंदर भरा कीचड़
अनिल कुमार - संवाद
हुसैनीवाला बॉर्डर (फिरोजपुर)। ग्रामीणों को सतलुज दरिया में आई बाढ़ गहरे जख्म दे गई है। धान की फसल पानी में डूबने के चलते पूरी तरह खराब हो गई है। गांवों की सड़कें टूट गई हैं। पानी के बहाव में कई मकान गिर चुके हैं। घरों के अंदर कीचड़ भर गया है। लोग मकानों की छतों पर तिरपालें लगाकर रहने को मजबूर हैं।
हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे 17 गांवों में से पानी उतर चुका है। अब लोगों को और कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें जगह-जगह से टूट चुकी हैं, कई गांव एक-दूसरे से कट चुके हैं। लोगों के घरों में दो से तीन फीट कीचड़ भर गया है। ऐसी स्थिति में लोग मकानों की छतों पर तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर हैं। कई लोगों के घर गिर गए हैं, वे लोग गांव में सुरक्षित जगहों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। पानी में डूबी धान की फसल बुरी तरह नष्ट हो चुकी है। दूर-दूर तक बर्बाद धान की फसल दिखाई पड़ती है। बीएसएफ के बंकर पानी में ध्वस्त हो गए हैं।
गांव टेंडी वाला और कालू वाला में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। ये दो गांव ऐसे हैं जिसे सरकार या फिर कोई अभिनेता-उद्योगपति गोद ले। दोनों गांवों की लगभग डेढ़ सौ एकड़ जमीन सतलुज दरिया में समा गई है। पाकिस्तान से भारत में आने वाले दरिया का आकार बहुत बड़ा हो गया है। उक्त गांव के कई घर दरिया में समा गए हैं। अब भी टेंडी वाला और कालू वाला की तरफ दरिया की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले समय में इनका नाम ही रह जाएगा। ये दोनों गांव दरिया में समा जाएंगे।
जिस तरह पाकिस्तान से पानी सतलुज दरिया में गिर रहा है टेंडी वाला की लगभग बीस एकड़ जमीन और दरिया निगल जाएगा। इस समस्या संबंधी ग्रामीण प्रकाश सिंह, गुरदेव सिंह, मंगल सिंह, बलबीर सिंह व अन्य ग्रामीणों ने अवगत कराया है।