13 मई को होगा उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
वार्ड-20 में सबसे ज्यादा 80.9 फीसदी मतदान
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। चाची, ताई, बाहण, बेटियों सुन ल्यो म्हारी बात, वोट डाल के आवण ते बढ़े थारी बिसात... के नारों और गीतों के बीच रविवार को पंचकूला नगर निगम के 204 बूथों पर लोकतंत्र का महापर्व मनाया गया। शाम 6 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार नगर निगम चुनाव में पंचकूला जिले में 53.4 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। एक तरफ जहां ग्रामीण आंचल के बूथों पर वोट डालने के लिए होड़ मची रही, वहीं शहर के पॉश इलाकों में वोटिंग की रफ्तार उम्मीद से कम रही।
पंचकूला के ग्रामीण इलाकों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे लोकतंत्र के असली प्रहरी हैं। वहां 80 फीसदी के पार मतदान हुआ। वार्ड नंबर 20 के गवर्नमेंट गर्ल्स प्राइमरी स्कूल, टोका में रिकॉर्ड 87.56 फीसदी मतदान हुआ। वहीं अलीपुर में 85.56 फीसदी और गांव बिल्ला के बूथ नंबर 195 पर 84.88 फीसदी वोट पड़े। जसंवतगढ़ में भी 81 फीसदी से ज्यादा लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गांवों की चौपालों से लेकर मतदान केंद्रों तक बुजुर्गों और महिलाओं की लंबी कतारें बदलते हरियाणा की तस्वीर पेश कर रही थीं।
शहरी क्षेत्रों में ठंडा रहा जोश, सेक्टर-14 सबसे पीछे
पॉश सेक्टरों में सुबह से ही उत्साह की कमी देखी गई। आंकड़ों के मुताबिक, लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-14 के बूथ नंबर 96 पर सबसे कम 22.21 फीसदी ही मतदान हुआ। इसी तरह सेक्टर-20 के कुछ बूथों पर भी आंकड़ा 26 फीसदी से 30 फीसदी के बीच सिमट गया। प्रशासनिक अधिकारियों और जागरूक नागरिकों की अपील के बावजूद शहरी मतदाताओं में वोट की ताकत को लेकर वह उत्साह नहीं दिखा जो ग्रामीण इलाकों में नजर आया।
कितना मतदान
वार्ड मतदाता%
वार्ड 1
53.0%
वार्ड 2
44.4%
वार्ड 3
41.5%
वार्ड 4
46.6%
वार्ड 5
47.6%
वार्ड 6
50.9%
वार्ड 7
58.3%
वार्ड 8
57.1%
वार्ड 9
59.1%
वार्ड 10
49.5%
वार्ड 11
47.7%
वार्ड 12
47.3%
वार्ड 13
48.6%
वार्ड 14
39.9%
वार्ड 15
52.4%
वार्ड 16
66.0%
वार्ड 17
54.6%
वार्ड 18
54.3%
वार्ड 19
69.5%
वार्ड 20
80.9%
वार्ड-16 का अनोखा बैलेंस
शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों के बीच वार्ड नंबर 16 ने एक संतुलित उदाहरण पेश किया। चंडी कोटला और बीड़ घग्गर जैसे इलाकों में मतदान का प्रतिशत 65 से 75 फीसदी के बीच रहा। गुरुकुल के पास वाले शहरी बूथों पर भी औसत मतदान 50 फीसदी से अधिक रहा, जिससे इस वार्ड का कुल औसत 63.42 फीसदी तक पहुंच गया।
7 ईवीएम खराब, दो को नोटिस
मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू करने से पहले उम्मीदवारों के एजेंटों की मौजूदगी में जब मॉक पोल यानी डमी वोटिंग शुरू की गई तो सात मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। लापरवाही के लिए शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी के दो बड़े अधिकारियों को नोटिस थमा दिया गया। इलेक्शन ऑब्जर्वर ने तत्काल इन खराब मशीनों को रिजर्व यूनिट्स से बदला ताकि वोटिंग प्रभावित न हो।
सकेतड़ी और औद्योगिक क्षेत्र ने लाज बचाई
शहरी क्षेत्र में अगर कहीं हलचल दिखी तो वह सकेतड़ी (वार्ड-1) और औद्योगिक क्षेत्र (वार्ड-10) के आसपास रही। सकेतड़ी के बूथों पर मतदान 65 फीसदी के पार रहा, जो शहर के बाकी हिस्सों के लिए एक मिसाल बना। वहीं, अभयपुर जैसे सघन आबादी वाले इलाकों में भी लोगों ने सुबह से ही कतार में लगकर शहरी औसत को गिरने से बचाने की कोशिश की।