माता मनसा देवी मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु।
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कोरोना की वजह से बेशक श्रद्धालु भारी संख्या में श्री माता मनसा देवी और काली माता मंदिर नहीं जा पाए हों लेकिन दोनों मंदिरों में के चढ़ावे ने तीन साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इस बार श्रद्धालु नकदी के साथ ही चांदी और सोना भी दान करने में पीछे नहीं रहे। तीन साल में अबकी बार श्रद्धालु सबसे कम मंदिर पहुंचे।
वर्ष 2018 में 336980 भक्तों ने माता मनसा देवी और काली माता मंदिर में दर्शन किए वहीं अबकी बार 145917 भक्त ही यहां पहुंचे। लेकिन यदि इन दोनों वर्षों की तुलना करें तो चढ़ावा 313359 रुपये ज्यादा चढ़ाया गया।
सोने का भाव बढ़ने के कारण यदि देखें तो जितनी राशि का सोना वर्ष 2018 और वर्ष 2019 में चढ़ाया गया करीब उतनी ही राशि का सोना अबकी बार भी यहां चढ़ाया गया। माता मनसा देवी मंदिर और काली माता मंदिर में नवरात्र के अंतिम दिन कुल 1317360 रुपये एकत्र हुए।
इसमें चढ़ावा, मुंडन का नकदी भी शामिल है। माता मनसा देवी मंदिर में 805004 रुपये का चढ़ावा चढ़ा जबकि काली माता मंदिर में 512356 नकद चढ़ावा आया। वहीं माता मनसा देवी मंदिर में 4.165 ग्राम सोना और 361.259 चांदी चढ़ाया गया।
भक्त कैश चढ़ावा सिल्वर (ग्राम) गोल्ड (ग्राम)
- अक्तूबर 2018 336980 12366413 7595.18 68.41
- अक्तूबर 2019 341222 12876713 6761.77 80.816
- अक्तूबर 2020 145912 13190072 7317.06 48.22