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हरियाणाः कोरोना से मौत पर नहीं मिलेगा शव, सरकार कराएगी संस्कार...मदद को आगे बढ़े कई हाथ

Mon, 06 Apr 2020 10:28 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में कोरोना से मृत्यु होने पर शव परिजनों को नहीं मिलेगा। सरकार ने रविवार को यह अहम निर्णय लिया है। मृतक के धर्म अनुसार उसका अंतिम संस्कार रस्मों रिवाज के साथ सरकार कराएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। हरियाणा में अब तक कोरोना से तीन मौतें हुई हैं। एक अंबाला व दूसरी करनाल निवासी की। इसके अलावा तीसरी मौत रोहतक निवासी महिला की दिल्ली में हो चुकी है।
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने रविवार को अधिकारियों से बैठक के बाद बताया कि हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, अधिक संख्या मरकज से आए जमातियों की है। सरकार की ओर से जारी निर्देशों में जिला प्रशासन व निकायों के अधिकारियों को कहा गया है कि वे शमशानघाट और कब्रिस्तान के संचालकों को भी इस बारे में सूचित करें। अब सरकार ही मृतकों का अंतिम संस्कार कराएगी।

शमशानघाट और कब्रिस्तान सैनिटाइज करवाने को भी कहा गया है। निकायों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संस्कार का जिम्मा सौंपा जाएगा। जो भी कर्मचारी संस्कार करेंगे, उन्हें पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट) किट मुहैया करवाई जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार ऐसे कर्मचारियों को इन्सेंटिव भी देगी। संस्कार करने वाले कर्मचारियों को कितना प्रोत्साहन मिलेगा, इसकी घोषणा सरकार अगले सप्ताह कर सकती है।
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हिंदुओं का शमशानघाट में अंतिम संस्कार होगा। मुसलमानों को कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। अनिल विज के अनुसार सरकार ने तय किया है कि कोरोना से मरने वाले लोगों का संस्कार शहरी स्थानीय निकाय विभाग करेगा।

इस्तेमाल होंगे इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह
प्रदेश के कई शहरों में इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह हैं। अगर कोरोना से किसी की मौत होती है तो उसका संस्कार इसी में करवाना प्राथमिकता रहेगी। अगर किसी शहर में यह सुविधा नहीं है तो लकड़ियों से अंतिम संस्कार होगा।

87 नगर निकायों को 288.92 करोड़ रुपये का विशेष फंड

कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार ने सभी 87 नगर निकायों को 288.92 करोड़ रुपये का विशेष फंड दिया है। डोर-टू-डोर कचरा का शत-प्रतिशत उठाना सुनिश्चित किया जा रहा है और इस गतिविधि में शामिल कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्त पालन करने का निर्देश दिया गया है। वर्तमान में 22,517 सफाई कर्मचारी डोर टू डोर कलेक्शन, सड़कों की सफाई, ट्रांसपोर्ट के कार्य में लगे हैं।

इसके अलावा, ठोस कचरे के निपटान के लिए रोजाना विभिन्न श्रेणियों के 2678 वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। मेकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से रोजाना 656 किलोमीटर सड़कों की सफाई की जा रही है। सार्वजनिक भवनों के प्रवेश पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात करके थर्मल कैमरों और हैंड सैनिटाइजर का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन की सहायता के लिए प्रदेश में 556 सामुदायिक रसोई स्थापित की गई हैं।

जिला प्रशासन की सहायता से विभिन्न सामाजिक, वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थानों आदि के माध्यम से अब तक 304696 परिवारों को  2058165 सूखे राशन के पैकेटों के साथ-साथ पके हुए भोजन के पैकेट भी वितरित किए गए हैं। नगरपालिकाओं की दुकानों, संपत्तियों पर पानी और सीवरेज बिल, संपत्ति कर, किराए, तहबाजारी और लाइसेंस शुल्क के भुगतान के संबंध में देय तिथि को बढ़ा दिया गया है।

शिक्षा महकमे के 24 हजार 300 राजपत्रित अधिकारियों ने दिया फंड

हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के 24300 राजपत्रित अधिकारियों ने हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में मार्च महीने के वेतन से योगदान दिया है। सीएम मनोहर लाल ने कर्मचारियों से स्वैच्छिक तौर पर वित्तीय योगदान की अपील की थी। इसके बाद हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के आग्रह पर सरकार ने लिंक को दो दिन के लिए और खोल दिया था, जिस पर अभी तक शिक्षा विभाग में कार्यरत 26907 राजपत्रित अधिकारियों में से 24300 ने स्वेच्छा से हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में दान दिया है। यह आंकड़ा 15 करोड़ रुपये के आसपास रहा।

हसला राज्य प्रधान दयानंद दलाल व प्रदेश संरक्षक बीर सिंह राणा ने बताया कि हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने पहल करते हुए 28 मार्च को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 26133 प्राध्यापकों की तरफ से हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में दान करने को आग्रह किया था। जिस पर सरकार और विभाग ने यह मांग मानते हुए एचआरएमएस पर ही लिंक खोलकर 2 अप्रैल तक स्वेच्छा से अपना योगदान देने को लिंक दिया था। जैसे ही लिंक खुला पहले ही दिन से प्राध्यापकों ने अब तक 10 % या सौ फीसदी तक योगदान की सहमति दर्ज करा दी है। इससे कुल 14 करोड़ 74 लाख 72 हजार 464 एकत्रित हुए हैं।

हसला राज्य प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया ने कहा कि सबके सहयोग से ही यह मुमकिन हुआ है। शिक्षा विभाग की सूची के अनुसार 18 ऐसे अध्यापक हैं, जिन्होंने अपनी 100 % सैलरी इस विपदा में दान कर दी है। बेघर और असहाय लोगों के खाने पीने का इंतजाम भी अनेक अध्यापकों ने अपने स्तर पर किया है।

एचईआरसी ने कोविड रिलीफ फंड में 5 लाख 40 हजार 585 रुपये दिए

कोविड रिलीफ फंड में हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) ने पूरा सहयोग दिया है। एचईआरसी ने 5 लाख 40 हजार 585 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को भेजा है। एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी, सदस्य परविंदर सिंह चौहान ने अप्रैल माह में मिले वेतन का बड़ा हिस्सा कोविड रिलीफ फंड में दिया तो सदस्य नरेश सरदाना ने अप्रैल माह में मिली पूरी सैलरी ही फंड में दान कर दी है।

एचईआरसी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अप्रैल माह में मिले वेतन का 10 प्रतिशत कोविड रिलीफ फंड में डोनेट किया है। एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी ने विश्वव्यापी महामारी के दौरान कोराना पीड़ितों की मदद करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा की है। एचईआरसी के सचिव अनिल दून ने शुक्रवार को यह चेक मुख्यमंत्री आवास पर भिजवाया।

आईजी डॉ. राजश्री ने दिया पूरा वेतन
राज्य अपराध शाखा-2 गुरुग्राम में तैनात आईजी डॉ. राजश्री सिंह ने मार्च महीने का पूरा वेतन कोरोना रिलीफ फंड में दे दिया है। उन्होंने डीजीपी को पत्र के जरिये इसकी जानकारी भी दे दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग जीतने के लिए अपना एक माह का वेतन दिया है। सामूहिक रूप से ही इस लड़ाई को जीत सकते हैं।
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जजपा विधायकों ने एक महीने का वेतन दिया

कोरोना महामारी से निपटने के लिए जननायक जनता पार्टी के सभी विधायक आगे आए हैं। पार्टी के विधायकों ने निर्णय लेते हुए अपने एक माह का वेतन ‘मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष’ में दिया है। इस बारे में पार्टी के गुहला से विधायक एवं विधायक दल के उपनेता ईश्वर सिंह ने पत्र के माध्यम से हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष को सूचित कर दिया है।
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