पंजाब में शादी बेटे की हो या फिर बेटी की। लोग पैसा पानी की तरह बहाते हैं। शादी में मंहगे मैरिज पैलेस, लजीज व्यंजन, डेकोरेशन के अलावा प्री-वेडिंग शूट पर ही लाखों खर्च कर दिए जाते हैं। लेकिन कोरोना महामारी ने शादियों की रौनक छीन ली है। अब आम से लेकर खास तक साधारण शादी कर रहे हैं
इतना ही नहीं, शादी में वर-वधु पक्ष से पांच से दस लोग ही शामिल हो रहे हैं। हालांकि शादियों को लेकर उत्साह पूरा है। कोशिश यही है कि अपने देश को कोरोना से बचाया जा सके। इसी तरह की एक शादी रविवार को एहितहासिक गांव दाऊं में संपन्न हुई। इसमें परिवार ने तो अपनी जिम्मेदारी निभाई ही। वहीं, गांव की पंचायत ने पहले प्रवेश द्वार पर वर-वधु के हाथ सैनिटाइजर से धुलवाए फिर फूलों की बारिश और सिरोपा पहनाकर स्वागत किया। वहां पर मौजूद लोग इन पलों को कैमरों में कैद करते दिखे।
मैरिज पैलेस बुक, कार्ड तक बांट दिए थे
गांव दाऊं की गगनदीप कौर का विवाह खन्ना निवासी राजदीप के साथ 29 मार्च को निश्चित था। शादी के लिए मैरिज पैलेस बुक था। यहां तक की कार्ड भी बांटे जा चुके थे। वहीं, परिवारिक सदस्य भी शादी में शामिल होने के लिए अमरीका से आए हुए थे। लेकिन इसी बीच कोरोना महामारी के चलते सारी तैयारियां होने के बाद भी शादी को टाल दिया गया।
बाद में शादी को धूमधाम के साथ कर सकते थे। लेकिन परिवार वालों ने पूरे समाज को एक नया संदेश देने के लिए कर्फ्यू में ही विवाह करने का फैसला लिया। रविवार को लड़के के परिवार से चार लोग आनंद कारज करवाने पहुंचे। चाय-पानी के बाद वह सीधे ग्रीन इनक्लेव स्थित गांव दाऊं के गुरुदारा साहिब पहुंचे। जहां पर लड़की के परिवार से भी केवल चार लोग मौजूद थे।
ऐसी शादियां अब समय की जरूरत
आनंद कारज संपन्न होने के बाद नवदंपत्ती जब गांव में दाखिल होने लगे तो सरपंच अजमेर सिंह ने सबसे पहले सभी के हाथ सैनिटाइज करवाए। इसके बाद नई जोड़ी का फूलों की बारिश व सिरोपा पहनाकर स्वागत किया। परिवार की इस पहल को देखकर गांव में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि ऐसे विवाह अब समय की जरूरत है।