माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के नए ओल्ड एज होम को रेस्ट हाउस में बदलने के प्रस्ताव के खिलाफ जिला अदालत ने दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ओल्ड एज होम पर अभी यथास्थिति बनी रहेगी। इस मामले में अगली सुनवाई 7 अक्तूबर को होगी। अदालत ने सुनवाई के दौरान नगर निगम, स्थानीय निकाय विभाग और भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश जिला अदालत ने अधिवक्ता पंकज चंदगोठिया और उनकी पत्नी संगीता द्वारा जनहित में दायर एक याचिका पर दिए गए। इसमें विभिन्न समाचारों का संदर्भ देकर कहा गया कि पंचकूला नगर निगम ने देखभाल की आवश्यकता वाले वरिष्ठ नागरिकों को समायोजित करने के लिए सेक्टर-27 में सात मंजिला वृद्धाश्रम का निर्माण किया है। वित्त की कमी के कारण या अपने बच्चों द्वारा नहीं रखने वाले बुजुर्गों को इसमें रखा जाएगा। इस ओल्ड एज होम में 90 कमरे हैं। इसे 11.66 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। चंदगोठिया ने बताया कि इमारत को विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के उपयोग के लिए डिजाइन किया गया था, क्योंकि इसमें डॉक्टरों के लिए कमरे, एक जनरल वार्ड और नर्सिंग स्टेशन, डाइनिंग एरिया, रसोई और वेटिंग लाउंज हैं।
चंदगोठिया ने अदालत को बताया कि अब एमसी ओल्ड एज होम को रेस्ट हाउस में बदलने के लिए 21 अगस्त 2024 को हाउस की मीटिंग में एक एजेंडा पारित करने की योजना बना रही है। इसके विरोध में चंदगोठिया ने तर्क दिया कि एमसी के पास इस तरह के एजेंडे को पारित करने का कोई अधिकार नहीं था। वृद्धाश्रम का निर्माण राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित परियोजना थी, जो राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों द्वारा निहित कर्तव्यों को पूरा करने और सम्मान और जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए थी। अब इसे कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे कनवर्ट नहीं किया जाए।
उन्होंने अपनी दलील में कहा कि ओल्ड एज होम का इस्तेमाल अगर रेस्ट हाउस में तब्दील होगा तो इसका प्रयोग एक विश्राम गृह के रूम में किया जाएगा। यह सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों के लिए निशुल्क आवास देगा। अदालत के समक्ष दिए बयान में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की हरियाणा राज्य शाखा के प्रतिनिधि ने कहा कि वह वृद्धाश्रम को नि:शुल्क आधार पर चलाने के लिए तैयार है क्योंकि वह पहले से ही निराश्रित बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।