संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में पार्किंग की भारी किल्लत के बीच मरीजों और तीमारदारों को एमसीएच में बनी बेसमेंट प्लस दो मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग चुभने लगी है। 300 गाड़ियों की क्षमता वाली यह पार्किंग पूरी तरह बनकर तैयार और रोशन है, लेकिन पिछले 1 साल से बंद पड़ी है। इसमें गाड़ियों की जगह पीडब्ल्यूडी का सामान और कबाड़ डंप पड़ा है। बेसमेंट को स्टोर बना दिया गया है।
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने अपना सामान स्टोर के तौर पर वहां रखा हुआ है और पार्किंग को पूरी तरह हैंडओवर ही नहीं किया है। मेंटेनेंस विंग के पास सिविल वर्क के नाम पर यह 7 महीने से अटकी है। फ्लोरिंग, पेंट और लाइटिंग का काम पूरा होने के बाद भी हैंडओवर नहीं हुआ। टेंडर निकलने के बाद इसे एजेंसी के माध्यम से जनता के लिए खोला जाएगा।
6000 मरीजों पर 200 गाड़ियों की व्यवस्था, पुराना पेंच फिर उलझा
यह समस्या नई नहीं है। जिले के सबसे बड़े इस सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 6 हजार मरीज ओपीडी, ऑपरेशन और लैब टेस्ट के लिए आते हैं। मौजूदा पार्किंग व्यवस्था सिर्फ 200 गाड़ियों की है। इमरजेंसी के सामने 60 कारों की पार्किंग हर समय फुल रहती है, ग्रीन बेल्ट को साफ कर बनाई गई 15 कारों की जगह, दोपहिया के लिए 100 और इमरजेंसी के पीछे 25 गाड़ियों की जगह है। अस्पताल प्रबंधन पार्किंग संचालन का नया टेंडर निकालने जा रहा है। टेंडर अलॉट होने के बाद नई एजेंसी को पार्किंग चलाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। तब तक मरीजों को पार्किंग के लिए मुसीबतों से गुजरना पड़ेगा।
मरीज बोले - सड़क पर खड़ी करनी पड़ती है गाड़ी
पार्किंग फुल होने से लोग सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं, पुलिस चौकी के सामने एंबुलेंस तक को जगह नहीं मिल रही। अस्पताल के पीछे अस्थायी तौर पर बनाया गया नया ग्राउंड भी 80-100 गाड़ियों से ज्यादा नहीं संभाल पा रहा। सेक्टर-4 के अनिरुद्ध ने कहा कि पार्किंग की सड़कें बहुत खराब हालत में हैं, गड्ढे पड़े हैं। जब मौजूदा सुविधा ओवरक्राउडेड और बदहाल है तो नई सुविधा खोलने से क्या रोक रहा है? इसे तुरंत खोला जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। रिया ने कहा कि जब भी अस्पताल आते हैं, बीमारी के अलावा पार्किंग की समस्या झेलनी पड़ती है। कई चक्कर लगाने के बाद भी जगह नहीं मिलती। पैसे देकर भी पार्किंग नहीं मिल रही।