संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। प्रदेश में पंचकूला एक ऐसा शहर है, जिसकी खूबसूरती हरियाली से है। यही हरियाली अब इसकी बदसूरती का कारण बनती जा रही है। शहर के अधिकांश फुटपाथों पर उगे घास और पौधों की छंटाई नहीं की जा रही है। इस कारण बेतरतीब खड़ी घास भद्दी लग रही है। दूसरी ओर जहां छंटाई की गई है, वहां से बागवानी कचरा नहीं उठाया जा रहा है। फुटपाथों पर पड़ी घास भी खूबसूरती पर ग्रहण लगा रही है। शहर में फुटपाथों पर घास और पेड़-पौधों की देखरेख के लिए अलग से बागवानी शाखा है। इस शाखा का काम घास और पौधों की छंटाई करना है, जिससे शहर की खूबसूरती बरकरार रहे। मगर नगर निगम इस मामले में पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है। आलम यह है कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले शहर के लगभग सभी सेक्टरों में व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। शहर के सेक्टर-4, 5, 7, 9, 25, 26 और 16 में सबसे अधिक समस्या आ रही है। इस घास में मुंह मारने के लिए लावारिस पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं। इससे हादसा होने का डर बना रहता है।
बागवानी विंग में नहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली, कर्मचारी भी कम
शहर का यह आलम इसलिए भी है कि नगर निगम के पास इसके लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी नहीं हैं। पेड़ों और घास की छंटाई के बाद बागवानी के कचरे को उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नहीं हैं। इसके लिए एक एजेंसी से अनुबंध किया गया है, जिसने करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा रखे हैं। इसके अलावा बागवानी के कचरे को उठाने के लिए नगर निगम की सैनिटेशन विंग से कर्मचारी मिलने का इंतजार करना पड़ता है।
कई बार की जा चुकी शिकायत : पपनेजा
सेक्टर-16 निवासी सुभाष पपनेजा ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर निगम अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, मगर उनका कोई असर नहीं हो रहा है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अधिकारी नहीं रखते निगरानी : नैय्यर
सेक्टर-15 निवासी एसके नैय्यर का कहना है कि नग निगम के अधिकारी इतने लापरवाह हैं कि वे अपने कर्मचारियों पर निगरानी ही नहीं रखते हैं। कर्मचारी उन्हें जो कहानी सुनाते हैं, उसी पर वे यकीन कर लेते हैं।
इसके बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। जल्द से जल्द फुटपाथ से बागवानी के कचरे को उठवा दिया जाएगा। - अपूर्व चौधरी, डीएमसी पंचकूला, नगर निगम