हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष के मर्डर केस की सुनवाई अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल की अदालत में हुई। इस दौरान दोनों की पक्षों की दलीलें पूरी हो गईं हैं। जजमेंट और लॉ प्वॉइंट ने तर्क दिया कि मेडिकल एविडेंस ने गवाहों का समर्थन किया है कि अकांक्ष के पेट पर टायर के निशान थे।
अब मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी। बता दें कि अकांक्ष की हत्या फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यूए से कुचलकर कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई है। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था।
इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।