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Panchkula News: अमेजन कर्मचारी बन विदेशी नागरिकों को ठगते थे आरोपी, घंटों अंग्रेजी में करते थे बातचीत

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फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा, अमेरिकी लहजे की विशेष ट्रेनिंग देकर लोगों को बनाया जाता था शिकार
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चंदन मिश्र
पंचकूला। सेक्टर-2 स्थित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर पुलिस की कार्रवाई के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि कॉल सेंटर एक इवेंट कंपनी के कार्यालय से संचालित किया जा रहा था। यहां काम करने वाले युवक-युवतियों को विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों से बातचीत करने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी। आरोपी खुद को अमेजन, टेक्निकल सपोर्ट या ग्राहक सेवा विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। गिरफ्तार चार मुख्य आरोपियों में शामिल राजा सिद्दीकी मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है और फिलहाल मोहाली में रह रहा था। वही कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का काम करता था।

ऐसे संचालित होता था कॉल सेंटर
पुलिस सूत्रों के अनुसार कॉल सेंटर में अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। एक टीम विदेशी नागरिकों को फोन करती थी, जबकि दूसरी टीम बातचीत को आगे बढ़ाकर कथित समस्या का समाधान बताने का काम करती थी। कुछ कर्मचारी भुगतान करवाने और डिजिटल लेन-देन कराने में लगे रहते थे। कॉल सेंटर में कंप्यूटर, हेडसेट, इंटरनेट कनेक्शन और विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता था। कर्मचारियों को पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसके आधार पर वे विदेशी नागरिकों से बातचीत करते थे।
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कहां से आते थे विदेशी नागरिकों के नंबर
पुलिस को आशंका है कि विदेशी नागरिकों का डाटा इंटरनेट के विभिन्न स्रोतों, लीक डाटाबेस या डाटा बेचने वाले नेटवर्क से प्राप्त किया जाता था। कई बार ऐसे गिरोह ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों और फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से भी संपर्क विवरण हासिल करते हैं। पुलिस जब्त किए गए कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है, ताकि डाटा के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके।

अधिकांश कर्मचारी थे स्नातक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल करने वाले अधिकांश युवक-युवतियां स्नातक थे। कुछ कर्मचारियों को वैध बीपीओ और कस्टमर सपोर्ट कंपनियों में काम करने का अनुभव भी था। अच्छी अंग्रेजी बोलने की क्षमता के आधार पर उनकी भर्ती की गई थी। कर्मचारियों को अमेरिकी लहजे (एक्सेंट) की विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके लिए उन्हें विदेशी कॉल रिकॉर्डिंग सुनाई जाती थीं और नियमित अभ्यास कराया जाता था। उन्हें यह भी सिखाया जाता था कि बातचीत के दौरान भारतीय उच्चारण कम से कम सुनाई दे। कई कर्मचारी फर्जी विदेशी नामों का इस्तेमाल भी करते थे, ताकि सामने वाले व्यक्ति को संदेह न हो।

ऐसे फंसाते थे विदेशी नागरिकों को
आरोपी पहले पीड़ितों को बताते थे कि उनके अमेजन खाते में कोई समस्या है, ऑर्डर में गड़बड़ी हुई है या खाते से संदिग्ध लेन-देन हुआ है। इसके बाद उन्हें डराया जाता था कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो आर्थिक नुकसान हो सकता है। विश्वास जीतने के बाद पीड़ितों से बैंकिंग जानकारी, गिफ्ट कार्ड, ऑनलाइन भुगतान या रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन डाउनलोड करवाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से कई लोगों से हजारों डॉलर की ठगी की गई है।
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डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
पुलिस ने कॉल सेंटर से बरामद कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच के लिए भेज दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, विदेशी नागरिकों का डाटा कहां से प्राप्त किया गया और अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
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