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Panchkula News: पिंजौर के तीन वार्डों में संरक्षित पशुओं और बंदरों का आतंक, पेयजल की समस्या से भी जूझ रहे लोग

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पिंजौर। प्रशासन ने नगर परिषद कालका का गठन करते समय साथ लगते कई गांवों को उसमें शामिल तो कर दिया, लेकिन आज भी यहां पंचायत स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। नगर परिषद कालका के अंतर्गत आने वाले वार्ड-13, 14 और 15 के कुछ क्षेत्रों में तो सुविधाएं ठीक हैं परंतु अधिकतर क्षेत्रों में बंदरों, संरक्षित पशुओं, पर्याप्त पेयजल आपूर्ति न होना सहित कच्ची गलियों की समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं।
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वार्ड नंबर-13 में है बंदरों का आतंक
वार्ड नंबर-13 के निवासियों ने बताया कि उनके वार्ड में पेयजल आपूर्ति की बड़ी समस्या है। गर्मियां शुरू होते ही यह समस्या और विकराल हो जाती है। इसके अलावा उनके वार्ड के कुछ क्षेत्रों में बंदरों का उत्पात ज्यादा है। बंदर रोड किनारे सफेदों के पेड़ पर बैठे रहते हैं, कई बार तो घरों में घुसकर सामान तक उठा ले जाते हैं। कई बार तो बंदर सीसीटीवी कैमरे, डिस समेत अन्य सामान भी तोड़ देते हैं। इसके अलावा दमदमा रोड भी जर्जर होना शुरू हो गई है। हिमशिखा काॅलोनी से विराटनगर की तरफ जाने वाला रोड भी टूट रहा है। विभाग इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा।


वार्ड में पेयजल आपूर्ति, संरक्षित जानवरों सहित बंदरों की समस्या से लोग परेशान हैं। बंदर रोड किनारे सफेदा के पेड़ों पर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। कभी-कभी तो ये घरों में घुसकर रखे सामान तक उठा ले जाते हैं। कई बार बंदर सीसीटीवी कैमरा, डिस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। छत पर सुखाने के लिए रखे कपड़ों को भी फाड़ देते हैं। - गुरमुख सिंह दमदमा, पार्षद, वार्ड-13
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वार्ड-14 में दयनीय है सामुदायिक भवन
वार्डवासियों ने बताया कि हिमशिखा में एक सामुदायिक भवन है उसकी हालत अत्यंत दयनीय है। इसके अलावा वार्ड का जो हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में आता है, वहां सामुदायिक भवन है न ही पार्क। स्ट्रीट लाइट की सुविधा काफी हद तक सही है। पेयजल आपूर्ति की समस्या का भी वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।


साल 2007 में हुडा ने जमीन अधिग्रहित की थी। इसके बाद उनके गांव के रास्ते आगे किस तरफ जोड़े जाएंगे नहीं पता क्योंकि एक तरफ निजी बिल्डर अपनी काॅलोनी विकसित कर रहा है, दूसरी तरफ हुडा ने जमीन का अधिग्रहण किया है। हुडा ने अधिग्रहण के दौरान स्कूल, सामुदायिक भवन तक अधिग्रहित कर लिए। हालात अब यह हैं कि उनके पास ट्यूबवेल लगाने के लिए दो बिस्वा जमीन भी नहीं है। वार्ड में सर्दियों में भी पानी की समस्या रहती है। हिमशिखा रोड ठेकेदार के पास है। दो साल से अधिकारियों को अवगत कराया गया है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। - शबनम, पार्षद, वार्ड नंबर-14






वार्ड-15 में है पेयजल की समस्या
वार्ड-15 के लोगों का कहना है कि नगर परिषद बने करीब ढाई साल हो गया परंतु नगर परिषद कालका की तरफ से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। संरक्षित पशुओं से वार्डवासियों में खौफ है। संरक्षित पशु वार्ड में इधर-उधर घूमते देखे जा सकते हैं। इसके अलावा वार्ड में गलियां बनी हैं, न ही नगर परिषद की तरफ से स्ट्रीट लाइट की उचित व्यवस्था है। उनके वार्ड में पेयजल आपूर्ति के लिए केवल एक ट्यूबवेल है। वार्ड की जनसंख्या अधिक है, जिसके चलते पेयजल की समस्या भी वार्डवासियों को झेलनी पड़ रही है।


मेरा वार्ड नगर परिषद कालका के अंतर्गत तो आता है परंतु सुविधाएं पंचायत स्तर की भी नहीं है। वार्ड में संरक्षित पशु झुंड में इधर-उधर घूमते रहते हैं। फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। बिजली की सप्लाई आज भी ग्रामीण क्षेत्र के कनेक्शन से मिल रही है। वार्ड में नगर परिषद वाली कोई भी सुविधा नहीं है। न सीवरेज सिस्टम, न ही उचित गलियां हैं। पेयजल आपूर्ति की समस्या भी लोगों को झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा सामुदायिक भवन की हालत भी खस्ता है। रायपुर भगवानपुर रोड के किनारे नाले का निर्माण भी नहीं किया गया है। - सीमा, पार्षद, वार्ड-15
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