पॉक्सो मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना एक साल एक महीने में पूरी हुई सुनवाई
बच्ची उसे भाई बुलाती थी, मंदिर ले जाने के बहाने पार्क में ले जाकर की थी छेड़छाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। 10 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी किरायेदार युवक को दोषी करार देते हुए 5 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आरोपी पीड़िता के घर पर किरायेदार के तौर पर रहता था और बच्ची उसे भाई बुलाती थी। मामले की सुनवाई करीब एक साल एक महीने में पूरी हुई।
मामला जुलाई 2025 का है। पीड़िता की मां ने महिला पुलिस थाना पंचकूला में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार 26 जुलाई की शाम महिला मंदिर गई थी। बच्ची भी मंदिर जाना चाहती थी। इसके बाद बच्ची के पिता ने घर पर किरायेदार के तौर पर रह रहे आरोपी युवक के साथ उसे मंदिर भेज दिया। आरोपी बच्ची को साइकिल पर लेकर शाम करीब 4:15 बजे निकला, लेकिन वह करीब 6 बजे मंदिर पहुंची।
मां ने देरी का कारण पूछा तो बच्ची ने बताया कि आरोपी उसे रास्ते में एक पार्क में ले गया और वहां उसके साथ गलत हरकत की। बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी ने उसे किसी को कुछ न बताने की धमकी दी। इसके बाद मां ने पुलिस को शिकायत दी।
आरोपी के खिलाफ जुलाई 2025 में पोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। सजा सुनाए जाने के दौरान सरकारी वकील सुखविंदर कौर ने दोषी के कृत्य को गंभीर बताते हुए सख्त सजा की मांग की। वहीं दोषी ने सजा में नरमी बरतने की अपील की। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे 5 साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।