रामगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग-7 से गांव कोट होते हुए बूंगा तक जाने वाली करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एक साल में पूरा होने के बाद अब इसकी गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। गांव कोट स्थित गोगा माड़ी के पास करीब एक किलोमीटर हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा था। अमर उजाला ने 1 अक्तूबर के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो विभाग हरकत में आया और आनन-फानन में अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा करा दिया। सड़क बनने से ग्रामीणों को राहत मिली, लेकिन अब कई जगह तारकोल की परत उखड़ने और छोटे गड्ढे बनने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों पिरथी चौधरी बुंगा, अच्छरपाल मट्टावाला, निहाल सिंह रत्तेवाली, गुरदीप सिंह राणा बलौटी और सोहन सिंह गांव कोट समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह मिट्टी के ऊपर ही तारकोल बिछा दिया गया। निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही इसकी परत उखड़ने लगी है। सड़क पर छोटे-छोटे गड्ढे भी दिखाई देने लगे हैं।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते सड़क की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो बारिश के बाद स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से निर्माण सामग्री के नमूने लेकर उनकी जांच कराने की मांग की है।
एक खबर ने कराया अधूरा काम पूरा
गोगा माड़ी के पास करीब एक किलोमीटर सड़क अधूरी होने से ग्रामीण लंबे समय से परेशानी झेल रहे थे। अमर उजाला ने 1 अक्तूबर को इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद विभाग ने अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा करा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनने से राहत मिली, लेकिन जल्दबाजी में काम पूरा करने के दौरान गुणवत्ता से समझौता किए जाने की आशंका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क इतने समय तक अधूरी रही तो निर्माण पूरा करते समय मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।
सड़क बनी तो चर्चा नारियल फोड़ने वाले की
क्षेत्र में विकास कार्य शुरू होने और पूरा होने पर नेताओं की ओर से नारियल फोड़कर उद्घाटन करने की परंपरा रही है। अब सड़क पूरी होने के बाद ग्रामीणों में चर्चा है कि एक किलोमीटर सड़क के उद्घाटन के लिए नारियल फोड़ने कौन पहुंचेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार नारियल फोड़ने से ज्यादा जरूरी यह देखना है कि सड़क कितने दिन टिकती है। लोगों ने विभाग से मौके का निरीक्षण कराने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने और खामियां मिलने पर ठेकेदार से सड़क को मानकों के अनुसार दुरुस्त कराने की मांग की है।