पंचकूला। भारत सरकार के पेयजल व स्वच्छता विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा व स्टेट टास्क फोर्स के वाईस चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने की। इसमें जिला परिषद की सीईओ, बीडीपीओ, पंचायती राज कार्यकारी अभियंता, एसडीओ व विभिन्न ब्लॉकों के कार्डिनेटरों से ग्रामीण आंचल में ओडीएफ प्लस पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वच्छ सर्वेंक्षण ग्रामीण 2021 के तहत 25 अक्तूबर से 23 दिसंबर 2021 तक पूरे देश में सर्वेंक्षण किया जा रहा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार ने आईपीएसओएस रिसर्च प्राईवेट लिमिटिड नामक स्वतंत्र संस्था को यह जिम्मेदारी दी है। इस संस्था द्वारा हरियाणा के 513 गांवों का सर्वेंक्षण किया जाएगा और इसमें प्रथम आने वाले जिले को भारत सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचकूला के ग्रामीण क्षेत्रों को प्लॉस्टिक मुक्त बनाने, गंदे पानी की निकासी व रसोई का ठोस कचरे को सही ढंग से निष्पादन करने के लिए ग्रामीणों में जागरूकता करने की जरूरत है। सभी ग्रामीण सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग कूडे़दान में डालें ताकि कूड़ा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी को इन्हें अलग-अलग न करना पड़े और वो गीले व सूखे कचरा का सही ढंग से निष्पादन कर सकें। इस अवसर पर रायपुररानी, बरवाला व मोरनी के बीडीपीओ विशाल पराशर, पिंजौर की बीडीपीओ मारटीना महाजन, पिंजौर के ब्लॉक कारडिनेटर अनिकेत, बरवाला के ब्लॉक कोआर्डिनेटर संजीव कुमार, रायपुररानी व मोरनी के कोआर्डिनेटर अनिल कुमार आदि संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
भट्ठे पर बने शौचालयों का करें निरीक्षण
चंद्रा ने कहा कि स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन में हमें जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करनी है। इस अभियान में समाजसेवी संस्थाओं, आशा वर्कर और एनजीओ को जोड़ा जाए व उनके माध्यम से ग्रामीण इलाके में प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को ग्रामीण इलाके में सभी भट्ठे, निर्माण कार्य स्थलों और गांव में बने हुए शौचालयों का निरीक्षण करने को भी कहा। इन जगहों पर लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जाए ताकि गांव के लोग गीले व सूखे कचरे को सही जगह पर अलग-अलग कूड़ेदान में डालकर गांव में गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से भी बचे और स्वच्छ भारत अभियान में भी योगदान दें सके।
128 पंचायतों में चल रहे कार्यक्रम
सीईओ जिला परिषद निशु सिंगल ने बताया कि 128 पंचायतों में लगातार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत स्वच्छता के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने एक स्वच्छता रथ चलाया है जो गांव-गांव जाकर लोगों को प्लॉस्टिक मुक्त व कचरे को अलग-अलग करने के बारे में जागरूक करता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र से करीब 51000 लोगों ने स्वच्छ सर्वेंक्षण ग्रामीण एप डाउनलोड किया है और उसके माध्यम से फीडबैक भी दिया हैं। उन्होंने वाईस चेयरमैन सुभाष चंद्रा को आश्वासन दिया कि उनकी टीम स्वच्छता ग्रामीण मिशन पर बेहतर काम करके जिले को अच्छा रैंक दिलवाने का प्रयास करेगी।