चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ दर्ज केस और उनकी वर्तमान स्थिति का ब्यौरा पंजाब सरकार से तलब कर लिया है। साथ ही इन मामलों में हाईकोर्ट के क्या आदेश थे यह भी पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर बताना होगा।
पूरे सेवा काल के दौरान दर्ज किसी भी मामले में गिरफ्तारी से पहले 7 दिन का नोटिस दिए जाने की मांग को लेकर पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सैनी की ओर से कहा गया था कि राजनीतिक रंजिश के चलते उनके खिलाफ साजिश की जा रही है और उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा सकता है। उन्होंने कई राजनेताओं के खिलाफ जांच की है और ऐसे में इस मामले में उन्हें यह संशय है। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित अन्य के खिलाफ लुधियाना सिटी मामले में दर्ज एफआईआर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज केस की क्या स्थिति है और हाईकोर्ट ने इनमें क्या आदेश दिए थे यह जानना जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सैनी की मांग पर इस जानकारी के आने के बाद ही आगे निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही हाईकोर्ट ने सैनी की जिन मामलों में लिप्तता है उन सब की जानकारी सौंपने का भी पंजाब सरकार को आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने सैनी के डायरेक्टर विजिलेंस, आईजी (इंटेलिजेंस) और डीजीपी रहते दर्ज मामले में किसी भी किस्म की कोई भी कार्रवाई से पहले उन्हें 7 दिनों का नोटिस देने का अंतरिम आदेश पहले ही जारी कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पूरे सेवा काल के दौरान दर्ज मामलों में भी यही राहत मांगी थी। सैनी को इस मामले में हाईकोर्ट से मिली राहत पर पंजाब सरकार ने बलवंत सिंह मुल्तानी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सवाल उठाते हुए कहा था कि यह याचिका वैध ही नहीं है। पंजाब ने कहा था कि सैनी के खिलाफ एफआईआर में आईपीसी की धारा-302 जोड़ी जा चुकी है, ऐसे में उसे यह राहत नहीं दी जा सकती है।