चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ को लेकर दिए गए बयान पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल रविवार को भड़क गए। उन्होंने मुख्यमंत्री से बयान वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री अपना बयान वापस नहीं लेते तो शिअद आंदोलन की राह पकड़ेगी। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पंजाब को चंडीगढ़ दिए जाने की मांग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान अकेले वर्तमान संकट के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी लापरवाही के कारण चंडीगढ़ पर पंजाब की पकड़ धीरे धीरे कमजोर होने लगी है।
मुख्यमंत्री की मांग ने हरियाणा को केंद्र शासित प्रदेश में एक अलग विधानसभा के लिए जमीन मांगने का मौका दे दिया है। सुखबीर ने कहा कि ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सभी स्थायी अधिकारों को खत्म करने की साजिश के तहत यह बयान दिया है। हम इस साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। शिअद अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को भी स्पष्ट रूप से कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का एक अविभाज्य हिस्सा था और पार्टी हरियाणा को नई विधानसभा बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश में किसी भी भूमि को लेने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा, हम इसके लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं। सुखबीर बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पंजाबियों की भावनाओं को समझने और चंडीगढ़ को पंजाब में स्थानांतरित करने की भी अपील की।
कल बुलाई कोर कमेटी की बैठक
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 12 जुलाई को सुबह 11.45 बजे पार्टी मुख्यालय में कोर कमेटी की बैठक बुला ली है। जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ पर पंजाब के अविभाज्य अधिकार के अविश्वसनीय समर्पण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्य के हितों की रक्षा के लिए पार्टी की आगे की कार्रवाई का खाका तैयार करने पर विचार विमर्श करेगी।