छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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अनलॉक 4.0 के तहत स्कूलों को लेकर एमएचए के दिशा निर्देशों में पंजाब सरकार ने आंशिक संशोधन किया है। संशोधन के तहत अब कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थी अपने अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद स्कूल जा सकेंगे। इसके साथ ही कौशल प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थाओं, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम भी खोलने की अनुमति सरकार ने दे दी है।
पंजाब सरकार ने रविवार को 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सिर्फ कंटेनमेंट जोन से बाहर वाले क्षेत्रों में स्वेच्छा के आधार पर अध्यापकों से मार्गदर्शन लेने के लिए अपने स्कूल जाने की अनुमति दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 8 सितंबर को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपीज) के अनुसार 21 सितंबर से विद्यार्थियों को अपने माता-पिता, अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही यह इजाजत दी जाएगी।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के गृह विभाग ने राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थाओं, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआईज), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल विकास मिशन या भारत सरकार के अन्य मंत्रालय या राज्य सरकार के अंतर्गत रजिस्टर्ड थोड़े समय के प्रशिक्षण केंद्र में कौशल या उद्यमी प्रशिक्षण की अनुमति देने संबंधी निर्देश जारी किए हैं।
इसी तरह नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरप्रिन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंटज (एनआईईएसबीयूडी), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रिन्योरशिप (आईआईई) और उनके प्रशिक्षण देने वालों को 21 सितंबर से अपनी गतिविधियों के लिए निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन करने के लिए मंजूरी दी गई है।