पंजाब में इस साल पराली जलाने के रुझान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को राज्य के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, सभी डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव विनी महाजन ने इस बात पर संतोष प्रकट किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में पांच प्रतिशत से भी ज्यादा की कमी आई है। इस दर में और कमी लाने के लिए कोशिश तेज की जानी चाहिए।
पिछले साल की अपेक्षा इस साल एक दिन में ही पराली जलाने के 336 मामले कम सामने आए हैं, जबकि धान की आमद 33 प्रतिशत ज्यादा है। इस साल 7.49 लाख हेक्टेयर जमीन की पराली जलाई गई है, जोकि पिछले साल 7.90 लाख हेक्टेयर था।
इस साल यह दर पिछले साल की अपेक्षा 5.23 प्रतिशत कम है। मुख्य सचिव ने धान की खरीद, लिफ्टिंग और अदायगी संबंधी भी जानकारी हासिल की और उनको बताया गया कि अब तक कुल 22753.44 करोड़ रुपये में से 22506.10 करोड़ की अदायगी हो चुकी है। ज्यादातर धान की फसल उठा ली गई है।
मुख्य सचिव ने कहा कि मौजूदा समय में राज्य में कोरोना के मामलों में कमी आई है और यह सिर्फ ज्यादा टेस्टों का ही नतीजा है। उन्होंने कहा कि भीड़ वाले स्थानों और दफ्तरों में टेस्ट ज्यादा किए जाएं। सभी सरकारी दफ्तर अब 100 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम कर रहे हैं, इसलिए आरटी-पीसीआर टेस्टों में भी वृद्धि की जानी चाहिए। मुख्य सचिव ने डेंगू से निपटने के लिए भी जिला अधिकारियों को हिदायतें जारी की।