चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने रोडवेज हड़ताल में शामिल सभी विभागों के लगभग एक लाख कर्मचारियों को चार दिन का रुका वेतन जारी कर दिया है। सर्व कर्मचारी संघ लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। सरकार ने बीते सप्ताह ही 2018 की तीन व जनवरी 2020 की एक दिन की हड़ताल को लीव ऑफ काइंड ड्यू माना था। इस पर विभागाध्यक्षों ने कार्रवाई करते हुए तुरंत रोके हुए वित्तीय लाभों की अदायगी कर दी है।
अभी स्वास्थ्य विभाग में तैनात एनएचएम कर्मचारियों पर सरकार ने दरियादिली नहीं दिखाई है। उनकी अलग-अलग 35 दिनों की हड़ताल अवधि को अब तक लीव ऑफ काइंड ड्यू नहीं माना गया है, जिससे उनके वित्तीय लाभ रुके हुए हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ ने कर्मियों की मांगों को लेकर 5 दिसंबर 2017 से 14 दिसंबर 2017 (10 दिन), 25-26 अक्टूबर 2018 (2 दिन), 5 फरवरी 2019 से 27 फरवरी 2019 तक 23 दिन की प्रदेशव्यापी हड़ताल की थी। स्वास्थ्य मंत्री एवं विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद हड़तालें समाप्त की गईं। इसमें हड़ताल अवधि को ड्यूटी पीरियड मानकर वेतन का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक 35 दिन के हड़ताल पीरियड के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि एनएचएम में लगे डाक्टरों, नर्सों व अन्य पदों पर सालों से तैनात स्टाफ के अनुबंध नवीनीकरण के लिए बेंचमार्क की शर्तें लगाई गई है, जो अनुचित है। इन कोरोना योद्धाओं की हौसलाअफजाई के लिए अनुबंध का नवीनीकरण बिना शर्त के किया जाना चाहिए।