पंचकूला। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सोमवार से शुरू हुई दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। बस स्टैंड सेक्टर-5 के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठकर कर्मचारियों ने मांगों के लिए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। ट्रेड यूनियन के नेताओं का कहना था कि उनकी हड़ताल सफल रही है। लेकिन इस पर रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि हड़ताल के पहले दिन बसों का संचालन तकरीबन सामान्य रहा और बसें चलाई गईं। सोमवार को शाम 4 बजे तक 104 बसें पंचकूला डिपो और कालका सब डिपो से अलग-अलग रूटों पर रवाना की गई। जबकि रोडवेज कर्मचारियों का दावा है कि बसों की गिनती बढ़ाने के लिए उन्हें शहर में ही घुमाया गया है। बस रूटों पर नहीं चलाई गईं।
रोडवेज कर्मचारियों की ओर से बसों के चक्काजाम से निपटने के लिए अधिकारियों ने विशेष रणनीति बनाई थी। पंचकूला डिपो से पहली बस सुबह सवा 5 बजे निकलती है। लेकिन सोमवार को अधिकारियों ने एक बस सुबह साढ़े 4 बजे ही निकाल दी। इस बस में 15 से ज्यादा सवारी दिल्ली के लिए रवाना हुईं। इसके बाद कर्मचारियों ने बस स्टैंड में पहुंच कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और बस स्टैंड के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस अवसर पर मनोज कुमार, सुनील गब्बर, जितेंद्र, मनीष, संदीप, विरेंद्र शर्मा, विजय, रत्तन, मनोज प्रधान, सुखदेव, सतीश उचाना, राज फौजी, जसबीर फौजी, देवेंद्र ढांढ़ा, शमशेर मोर, शमशेर घणघस, संदीप ढुल, श्रवण कुमार जांगड़ा, उमेद, मंगतराम, जयपाल चौहान और जसपाल मुख्य रूप से मौजूद रहे।
सुरक्षा के लिए तैनात रही पुलिस
बस संचालन के दौरान विभाग के अधिकारियों को कोई परेशानी न आए, इसलिए प्रशासन ने पुलिस की टीम भी तैनात की थी। सुबह 4 बजे ही 25 पुलिसकर्मी बस स्टैंड पर पहुंच गए थे। हालांकि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बस संचालन में कोई बाधा नहीं पहुंचाई। जो कर्मचारी बस लेकर जा रहे थे, उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
पूरी रात बस स्टैंड पर ही रहे रोडवेज अधिकारी
रोडवेज अधिकारियों ने बस संचालन के लिए पहले ही पूरी तरह कमर कस रखी थी। जीएम रविंदर पी पाठक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात बस स्टैंड पर ही जमे रहे। किलोमीटर स्कीम की बसों के चालक समय पर पहुंचने तय थे। उनमें चालकों की व्यवस्था करने के लिए अधिकारी रात भर फोन घनघनाते रहे।
पंचकूला डिपो में हैं कुल 134 बसें
हरियाणा रोडवेज के पंचकूला डिपो में कुल 134 बसें हैं। इनमें से 114 बसें हरियाणा रोडवेज की और 20 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। 114 में से पांच बस ट्रेनिंग स्कूल में लगाई गई हैं और 24 मिनी बस हैं। खराब होने के कारण दो या चार बस हमेशा वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
यह है कर्मचारियों की मांग
- जनता और विभाग हित में रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल की जाएं। जिससे लोगों को सुविधा और कर्मचारियों को स्थायी रोजगार मिल सके।
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए। अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करते हैं तो एमएलए और एमपी को भी न्यू पेंशन स्कीम में शामिल किया जाए।
- कच्चे कर्मचारियों केे पक्का किया जाए।
- रोडवेज विभाग के 2016 के चालकों को कौशल रोजगार से न जोड़कर नियमित किया जाए।
हड़ताल बेअसर रही
पंचकूला बस स्टैंड सेक्टर-5 से दिनभर बसों का संचालन सामान्य रहा। रोडवेज के कुछ कर्मचारी हड़ताल पर जरूर रहे, लेकिन फिर भी 104 बसें विभिन्न रूटों पर पंचकूला से रवाना की गई। इससे साफ है कि हड़ताल बेअसर रही है। - रविंद्र पी पाठक, जीएम, पंचकूला डिपो, हरियाणा रोडवेज।
मंगलवार को भी रखेंगे चक्काजाम
दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में सोमवार को रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। साझा मोर्चा कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत रहेगा। मंगलवार को भी हड़ताल में सभी कर्मचारी शामिल होंगे और एकजुट होकर चक्काजाम किया जाएगा।
- श्रवण जांगड़ा, कर्मचारी नेता, साझा मोर्चा।