नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार के अनुसार, इस बार तीन एजेंसियों को अलग-अलग जोन में काम दिया जाएगा। एक एजेंसी कुत्ते पकड़ेगी, दूसरी नसबंदी व वैक्सीनेशन करेगी और तीसरी आक्रामक, बीमार व रेबीज प्रभावित कुत्तों को शेल्टर में रखेगी।
पंचकूला में लावारिस कुत्तों का बढ़ता आतंक चिंता का विषय बना हुआ है। नगर निगम दो बार टेंडर जारी करने के बावजूद नसबंदी अभियान शुरू नहीं करवा सका। अब तीसरी बार टेंडर फ्लोट किया गया है, जिसकी बिड 9 अक्टूबर को खुलेगी।
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सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में रोजाना 20 से 22 डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे हैं। इस साल छह महीनों में 7600 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 14,230 था।
पहला टेंडर किसी एजेंसी के बोली न लगाने के कारण विफल रहा था। अगस्त में जारी दूसरे टेंडर में तीन संस्थाएं आगे आईं, लेकिन दस्तावेजों में कमी के चलते काम आवंटित नहीं हो सका। वर्ष 2018 से अगस्त 2025 तक निगम करीब 30 हजार कुत्तों की नसबंदी करा चुका है।
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नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार के अनुसार, इस बार तीन एजेंसियों को अलग-अलग जोन में काम दिया जाएगा। एक एजेंसी कुत्ते पकड़ेगी, दूसरी नसबंदी व वैक्सीनेशन करेगी और तीसरी आक्रामक, बीमार व रेबीज प्रभावित कुत्तों को शेल्टर में रखेगी। नए टेंडर में एबीसी रूल्स 2023 और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होगा। कैचिंग वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग भी जरूरी होगी।
शहर में लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम तीसरी बार टेंडर फ्लोट करने जा रहा है। दो दिन बाद इसकी बिड खुलेगी। एजेंसी मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। - विनय कुमार, आयुक्त, नगर निगम