संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। गांव टांडा स्थित एक स्टोन क्रशर पर 49.03 लाख रुपये की कथित बिजली चोरी के मामले में पंचकूला अदालत ने 11 साल बाद संचालक राज कुमार अग्रवाल को बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा।
मामला वर्ष 2015 में दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 18 गवाह पेश किए, लेकिन अदालत के समक्ष बिजली चोरी के आरोपों को पुष्ट करने वाले पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जांच के दौरान बिजली चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई उपकरण या अतिरिक्त तार बरामद नहीं हुआ। वहीं, मीटर जलने के कारणों को लेकर प्रस्तुत वैज्ञानिक रिपोर्टों में भी विरोधाभास पाया गया।
अदालत ने इस तथ्य को भी महत्वपूर्ण माना कि घटना से पहले ही स्टोन क्रशर संचालक ने बिजली विभाग को मीटर जलने की सूचना देकर नया मीटर लगाने का अनुरोध किया था। इससे मामले में अभियोजन पक्ष के आरोपों पर संदेह उत्पन्न हुआ।
सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में राज कुमार अग्रवाल को आरोपों से बरी कर दिया गया।