चंडीगढ़। हरियाणा में अमृत सरोवर अभियान के तहत 2200 जोहड़ों पर कदम, बरगद, पीपल, पिलखन जैसी छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, पंचकूला, करनाल ऑक्सीवन में विशेष पौधरोपण होगा। वन विभाग 73वां वन महोत्सव मनाने के लिए जोरशोर से तैयारियां कर रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वन मंत्री कंवर पाल पौधरोपण के दौरान इसकी शुरुआत करेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पानी पंचभूतों में से एक है, जीवन है जिंदगानी है। घटते जल स्तर के समय भूजल को रिचार्ज करने में तालाबों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वृक्ष बारिश के पानी को धरती मां के पेट तक पहुंचाते हैं, इसलिए अमृत सरोवर अभियान के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार करना और पौधरोपण धरती मां का शृंगार करने जैसा है।
वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह का कहना है कि प्राचीन काल से ही हरियाणा की सरजमीं धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की रही है। पहले ऑक्सीवन की अवधारणा को शहरों तक ही बनाने की योजना थी, लेकिन इस वर्ष वन विभाग हरियाणा के गांवों में भी ऑक्सीवन बनाने की तैयारी कर रहा है। कालका से कलेसर तक 150 किमी नेचर ट्रेल का कार्य शुरू हो चुका है। लोगों के लिए सुगंधित, व छायाकार पौधे लगाने और विश्राम स्थल की सुविधा देने की योजना पर काम चल रहा है।
इस वर्ष दो करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य : जगदीश चंद्र
प्रधान मुख्य वन संरक्षक जगदीश चंद्र ने कहा कि इस वर्ष दो करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। 73वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर 1100 तरह के देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। 75 वर्ष से ऊपर के जीवनदायिनी ऑक्सीजन पैदा करने वाले वृक्षों की जनगणना की जा रही है। 73वां वन महोत्सव मनाने के लिए सरस्वती विरासत स्थल कुरुक्षेत्र में 15 जुलाई 2022 का दिन प्रस्तावित किया गया है। पौधरोपण अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों का सहयोग लिया जाएगा।