सिविल अस्पताल में सीवरेज की समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी मुख्य अस्पताल भवन, ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी के आसपास कई बार सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सामने आ चुकी है। बरसात के दिनों में तो अस्पताल परिसर में पानी भरने की शिकायतें आम हो जाती हैं।
पंचकूल सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के नवनिर्मित मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग में सीवरेज समस्या एक बार फिर उजागर हो गई। शनिवार देर रात से शुरू हुआ रिसाव रविवार सुबह तक गायनी वार्ड के कई कमरों तक फैल गया। कमरा नंबर-18 से रिसना शुरू हुआ सीवरेज का पानी डॉक्टरों के केबिन तक पहुंच गया, जिससे ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं।
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बताया गया कि शनिवार रात करीब 11 बजे के बाद कमरों में सीवरेज का पानी भरना शुरू हुआ। देखते ही देखते यह पानी गायनी ओपीडी के गलियारे और डॉक्टरों के कमरों में फैल गया। स्थिति को देखते हुए कमरा नंबर-18 की एंट्री बंद करनी पड़ी।
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सोमवार सुबह करीब सात बजे पहुंची महिला मरीजों ने बताया कि कमरों के बाहर पानी जमा था और चारों तरफ दुर्गंध फैली हुई थी। वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। सुबह करीब नौ बजे जब महिला डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंचीं तो अपने केबिन में पानी भरा देख हैरान रह गईं। केबिन में पानी होने से मरीजों का चेकअप करना संभव नहीं था। इसके चलते चार महिला डॉक्टरों को एक ही कमरे में बैठकर ओपीडी करनी पड़ी। प्रोसीजर रूम में पानी भरने से जांच प्रक्रिया भी बाधित रही। स्थिति का सीएमओ और पीएमओ ने भी जायजा लिया और मेंटेनेंस विभाग को शीघ्र इस समस्या को ठीक करने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों ने ओपीडी शुरू होने से पहले पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन रिसाव लगातार होने से पानी दोबारा भरता रहा।
गौरतलब है कि सिविल अस्पताल में सीवरेज की समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी मुख्य अस्पताल भवन, ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी के आसपास कई बार सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सामने आ चुकी है। बरसात के दिनों में तो अस्पताल परिसर में पानी भरने की शिकायतें आम हो जाती हैं। नवनिर्मित एमसीएच विंग के शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि नई ड्रेनेज व्यवस्था से समस्या दूर होगी, लेकिन घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।