डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी से बढ़ा दबाव, नॉर्म्स के अनुसार 35 विशेषज्ञ और सैकड़ों कर्मियों की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग ने डीजी हेल्थ को तीसरी बार भेजा भर्ती प्रस्ताव, एमसीएच में फिलहाल सिविल अस्पताल के स्टाफ से चल रहा काम
आदित्य शर्मा
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल और मदर एंड चाइल्ड केयर (एमसीएच) अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मचारियों की भारी कमी के बीच जिला स्वास्थ्य विभाग ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने के लिए तीसरी बार प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजी हेल्थ) को भेजा है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद पर्याप्त स्टाफ नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार नव-निर्मित एमसीएच अस्पताल में फिलहाल सिविल अस्पताल के कर्मचारियों की ड्यूटी समायोजित कर काम चलाया जा रहा है। यदि जल्द नई नियुक्तियां नहीं हुईं तो मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर और बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इससे पहले दो बार भर्ती प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन उनमें संशोधन किए गए। अब बढ़ते मरीज भार को देखते हुए नया प्रस्ताव डीजी हेल्थ को भेजा गया है। वहां से इसे अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नॉर्म्स के अनुसार 35 विशेषज्ञों की जरूरत
विभागीय मानकों के अनुसार 300 बेड वाले एमसीएच अस्पताल के लिए 35 विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता है। इनमें करीब 15 स्त्री रोग विशेषज्ञ, 12 बाल रोग विशेषज्ञ, छह एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, दो रेडियोलॉजिस्ट, क्लिनिकल विशेषज्ञ, एक सीनियर मैट्रन, असिस्टेंट मैट्रन और सात सीनियर नर्सिंग ऑफिसर शामिल हैं। इसके अलावा आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत 117 सफाईकर्मी, 117 वार्ड अटेंडेंट, 35 सुरक्षा गार्ड, चार माली, छह लॉन्ड्री कर्मी, चार सुपरवाइजर, तीन इलेक्ट्रीशियन, पांच इलेक्ट्रिकल हेल्पर, एक प्लंबर, दो सीवरमैन और एक कारपेंटर की भी आवश्यकता बताई गई है।
डॉक्टरों की कमी से बढ़ रही चुनौती
वर्तमान में गायनी विभाग में तीन नियमित मेडिकल ऑफिसर और दो कंसल्टेंट कार्यरत हैं। मरीजों का दबाव कम करने के लिए 22 डीएनबी रेजिडेंट डॉक्टरों को भी तैनात किया गया है। वहीं बाल रोग विभाग में एक एसएमओ, तीन नियमित मेडिकल ऑफिसर और पांच डीएनबी रेजिडेंट डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। खून जांच और सैंपलिंग कार्य के लिए 19 नियमित तथा 17 अनुबंधित लैब टेक्नीशियन तैनात हैं, जो एमसीएच के साथ-साथ सिविल अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भी सेवाएं दे रहे हैं।
रोजाना छह हजार मरीज पहुंच रहे अस्पताल
गायनी और पीडियाट्रिक ओपीडी व वार्ड एमसीएच में शिफ्ट होने के बाद मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जिले के विभिन्न पीएचसी और यूएचसी से भी मरीज यहां रेफर होकर पहुंच रहे हैं। दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन करीब छह हजार मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। मरीजों के बढ़ते दबाव के कारण ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर पर कार्यभार बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगभग हर ओपीडी में तीन से चार डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही है। महिला क्लीनिक शुरू होने के बाद स्त्री रोग विशेषज्ञों की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
क्या बोले पीएमओ
स्वास्थ्य विभाग पंचकूला के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि सिविल अस्पताल और मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने के साथ मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। भर्ती के लिए तीसरी बार प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशक हरियाणा को भेजा गया है। उम्मीद है कि मंजूरी मिलने के बाद जल्द नई नियुक्तियां की जाएंगी।