चंडीगढ़। एफआईआर दर्ज होने और भगोड़ा घोषित होने के 6 साल बीतने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कपूरथला के एसएसपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने एसएसपी को आदेश दिया है कि एफआईआर दर्ज होने से लेकर अभी तक थाने में जो भी एसएचओ रहे हैं उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
याचिका दाखिल करते हुए राजेश महाजन ने 2017 में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। कोर्ट ने पाया कि इससे पहले भी वह तीन बार याचिका दाखिल कर चुके हैं और उन्हें भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। गिरफ्तारी में इतनी देरी पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए विजिलेंस विभाग को जांच का आदेश दिया था। विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कोर्ट को बताया कि थाने में मौजूद अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह से विफल रहे और आरोपी की गिरफ्तारी का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
कोर्ट ने कहा कि इस प्रथा को सख्ती से समाप्त करना होगा। कोर्ट ने एसएसपी को आदेश दिया है कि एफआईआर दर्ज होने से लेकर अभी तक थाने में जो भी एसएचओ रहे हैं उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने एसएसपी पर 50 हजार का जुर्माना लगाते हुए उन्हें इसे दोषी अधिकारियों से वसूल करने की छूट दी है। एसएसपी को तीन माह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही याची को अंतरिम जमानत देते हुए दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।