गुरुग्राम की एसआरएल लैब रिपोर्ट के माध्यम से की गई कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट पर उठे सवालों के बारे में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। हरियाणा सरकार इस मामले में सही और गलत के बीच उलझी हुई है। ऐसे में सरकार के अधिकारी न तो यह कह पा रहे हैं कि रिपोर्ट सही है और न ही यह कि रिपोर्ट गलत है। उधर, एसआरएल प्रबंधन अपनी बात पर कायम है। प्रबंधन पहले ही अपनी रिपोर्ट पर भरोसा जता चुका है।
हालांकि सरकार ने लैब के माध्यम से दी गई रिपोर्टों की जांच कई स्तर पर करवाई है। ताजा जांच एम्स के माध्यम से होनी थी, लेकिन एम्स ने व्यस्तता का हवाला दे दिया। जिसके बाद जांच रोहतक पीजीआई को सौंपी गई। रिपोर्ट आने के बाद भी इस मामले में मंथन चल रहा है। ऐसे में संभावना यह जताई जा रही है कि अब इस मसले का हल आईसीएमआर ही करेगा, क्योंकि कोरोना संक्रमण के लिए आईसीएमआर ने ही लैब को जांच के लिए अधिकृत किया था।
मालूम हो कि लैब की जांच पर सवाल उठने के बाद सरकार ने लैब के माध्यम से जांचे गए कुछ सैंपल की जांच अपने मेडिकल कालेजों में करवाई थी। सरकार का कहना था कि लैब ने जिन लोगों को संक्रमित बताया था। वे लोग हमारे यहां जांच में संक्त्रस्मित नहीं पाए गए। मामला अधिक बढ़ने के बाद इस मामले की जांच दोबारा करवाई गई।
संक्रमित को होटल में क्वारंटीन करने की अनुमति नहीं
हरियाणा सरकार कोरोना संक्रमित मरीजों को घर पर क्वारंटीन करने के हक में नहीं है। प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लेने का मन बना लिया है कि संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्तियों को आइसोलशन मेें सरकार अस्पतालों में ही रखा जाएगा। इस दिशा में सरकार केंद्र सरकार की गाइडलान में संशोधन करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि राज्यों को अपने हिसाब से संशोधन के अधिकार हैं। लिहाजा हम संशोधन करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पाजिटिव पाए जाने वाले व्यक्तियों को किसी होटल में भी क्वारंटीन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।