टेलर की बेटी ने कहा, वुशू को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक लेकर जाऊंगी
रंजन 2020 से लगातार वुशू प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। घर चलाने के लिए रंजन के पिता दिनेश टेलर का काम करते हैं। रंजन ने बताया कि स्टेट में पहली बार 31 हजार रुपये कैश प्राइज मिले थे। उसने पूरा पैसा ले जाकर अपने पिता के हाथों में रख दिया था। रंजन ने बताया कि उसके पिता की आंखें भर आई थीं, उन्होंने गले लगा लिया। तब पता चला कि हमारे पिता हम लोगों को पालने के लिए कितना परिश्रम करते हैं। उसी दिन पिता का आशीर्वाद लिया। उन्हें वचन दिया था, जल्द नेशनल में पदक लाकर लाखों रुपये का कैश प्राइज अपने पिता के हाथ में लाकर रखेंगी।
वह मौका आया, 2022 में अंडर-17 आयुवर्ग में रंजन कुमारी ने वुशू के इवेंट नन क्वान स्टाइल में स्वर्ण पदक जीता है। इसके लिए फरवरी में प्रदेश सरकार की तरफ से 2.25 लाख रुपये मिलेंगे। रंजन ने बताया कि आगे बढ़ने के लिए पैसा जरूरी है, लेकिन सही लक्ष्य के साथ परिश्रम बेहद जरूरी है। रंजन आगे चलकर सरकारी कोच बनना चाहती है और वुशू को प्रमोट करना चाहती है। ताकि उसके जैसी तमाम लड़कियों को सही दिशा मिले और वे आगे आएं और पैसों की कमी की वजह से उन्हें घर बैठना न पड़े। रंजन सेक्टर-20 संस्कृति मॉडल स्कूल में 11वीं की छात्रा है।
महज 13 साल में नविशा पहुंचीं राष्ट्रीय स्तर पर, तलवारबाजी में बटोर रहीं पदक
सेक्टर-15 निवासी नविशा भारद्वाज महज 13 साल की हैं लेकिन तलवारबाजी जैसे खेल में वह राज्य राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। अब उनका सपना ओलंपिक में देश के लिए मेडल हासिल करना है।
नविशा ने राष्ट्रीय स्तर पर दो पदक जीते हैं। 10 से 13 जनवरी तक केरल में राष्ट्रीय स्तर की तलवारबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसके फोइल टीम इवेंट में नविशा ने स्वर्ण पदक और एकल मुकाबले में कांस्य पदक हासिल किया। राज्य स्तर पर भी वह अंडर-17 और अंडर-14 में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
सुबह से लेकर दोपहर तक स्कूल में पढ़ाई के बाद शाम को नविशा ढाई घंटे तलवारबाजी का अभ्यास करती हैं। पिता राजीव ही उनके कोच हैं। नविशा अभी आठवीं कक्षा में हैं। सातवीं में उनके 85 प्रतिशत अंक आए थे। नविशा ने बताया कि खेल के स्तर को सुधारने के लिए वह रोज अपने से बड़े खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करती हैं। नविशा के पिता राजीव कुमार तलवारबाजी के फोइल मुकाबलों के इंटरनेशनल रेफरी हैं। दिसंबर 2022 में थाईलैंड में आयोजित हुए फेंसिंग वर्ल्ड कप में भी वह रेफरी बनकर गए थे। नविशा की मां शिप्रा निजी स्कूल में अध्यापिका हैं।