संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। एक 80 वर्ष के बुजुर्ग को बेटे-बहु द्वारा बेघर करने का मामला सामने आया है। सेक्टर-8 निवासी बुजुर्ग दो साल से सेक्टर-20 के सोसायटी में अपने दोस्त के साथ जबरदस्ती रहने को मजबूर है। हैरानी की बात यह है कि बुजुर्ग की दोनों किडनियां फेल हैं। हफ्ते दो बार उनका डायलिसिस होता है। हारकर बुजुर्ग ने इस माह एसडीएम ट्रिब्यूनल कोर्ट का सहारा लिया।
इसके बाद एसडीएम की तरफ से इस मामले में दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद बेटे-बहु को अगली सुनवाई तक उन्हें घर में एक कमरा और दो टाइम का भोजन की सुविधा देने का आदेश दिया है। एसडीएम के आदेश के बाद बुजुर्ग करीब चार से पांच बार सेक्टर-8 स्थित अपने बेटे के घर जा चुके हैं। बुजुर्ग ने अपनी बहु पर आरोप लगाकर कहा है कि वह उन्हें घर में रखने के लिए तैयार नहीं है। शनिवार को सेक्टर-7 पुलिस की टीम बुजुर्ग के साथ कई घंटे तक बेटे के घर के बाहर इंतजार करती रही। घर के मेन गेट पर ताला लगा हुआ था। घंटों इंतजार करने के बाद वापस अपने दोस्त के घर लौट गए।
मकान का शेयर बेटे के नाम किया
बुजुर्ग ने बताया कि उनकी पत्नी की काफी समय पहले मौत हो गई थी। उनकी एक बेटा और एक बेटी है। बेटी अपने ससुराल में है। बेटा अपनी पत्नी के साथ रहता है। उन्होंने प्लाॅट 2010 में लिया था। उस समय प्लॉट बुजुर्ग और बेटे के नाम था। 2015 में बुजुर्ग ने अपना शेयर अपने बेटे के नाम कर दिया। उसके बाद उनके बेटे ने अपना शेयर अपनी पत्नी के नाम कर दिया। इसके बाद से वह पिछले करीब दो साल से अपने दोस्त के यहां सेक्टर 20 की सोसायटी के फ्लैट में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटे के लिए उसके नाम से पेट्रोल पंप के लिए जमीन खरीदी।
उस समय यह नहीं पता था कि बेटा भी साथ नहीं देगा। एसडीम ट्रिब्यूनल कोर्ट ने पंचकूला तहसीलदार और एचएसवीपी इस्टेट ऑफिस को पत्र लिखकर सेक्टर 8 के मकान का ट्रांसफर परमिशन जारी नहीं करने और फिर प्लॉट की रजिस्ट्री कोर्ट के अगले आदेश तक नहीं करने का निर्देश जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को एसडीएम ट्रिब्यूनल कोर्ट में है। जांच अधिकारी एसआई योगविंदर सिंह ने बताया कि एसडीएम कोर्ट के आदेश पर बुजुर्ग को उनके बेटे के घर में कमरा दिलवाने के लिए पहुंचे थे। अभी बुजुर्ग के बेटा और बहु पीजीआई गए थे। उनके आने के बाद आदेश को लेकर बात कर बुजुर्ग को उनके घर में रहने के लिए जगह दिलवाई जाएगी।