छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे पंजाब के कर्मचारियों के लिए मायूसी भरी खबर है। राज्य सरकार ने छठे वेतन आयोग की अवधि और छह माह के लिए बढ़ाते हुए 31 दिसंबर, 2020 तक कर दिया है। पिछले साल आयोग की अवधि 31 दिसंबर, 2019 तक बढ़ाने के बाद राज्य सरकार ने 17 जनवरी, 2019 को जारी किए गए नोटिफिकेशन को निरंतरता में राज्यपाल के आदेश से छठे पंजाब वेतन आयोग की अवधि को 30 जून 2020 तक बढ़ा दी गई थी। अब एक बार फिर सरकार के परसोनल विभाग की परसोनल पालिसी-3 शाखा ने नो टिफिकेशन जारी करते हुए राज्यपाल के आदेश से छठे वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ा दिया है।
चार साल बीत गए आयोग की सिफारिशों की बाट जोहते
पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के समय फरवरी, 2016 में वेतन आयोग का गठन किया गया था। तब सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव आरएस मान के नेतृत्व में आयोग का तीन सदस्यीय पैनल बनाया लेकिन इसके दो सदस्यों की नियुक्ति में ही नौ माह का समय बीत गया और दोनों सदस्यों की नियुक्ति नवंबर, 2016 में हो सकी। इसके बाद आयोग अपना कामकाज शुरु कर पाता, लेकिन राज्य में सरकार बदल गई। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में नई सरकार के सत्ता संभालने के कुछ समय बाद आरएस मान ने व्यक्तिगत कारणों से आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद कैप्टन सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव जय सिंह गिल को आयोग की कमान सौंपी और आयोग ने काम करना शुरु किया। खास बात यह रही कि वेतनमान संशोधन रिपोर्ट के लिए आयोग का कार्यकाल लगातार बढ़ाया जाता रहा जबकि आयोग के समक्ष अब तक वेतनमान, भत्ते, वेतन-विसंगतियों और अन्य मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारियों के विभिन्न संघ और अन्य समूहों की ओर से 600 से अधिक रिप्रेजेंटेशन दी जा चुकी हैं।
आयोग के पास न स्टाफ है न आफिस
आयोग के गठन और इसके कामकाज को लेकर कर्मचारी संगठन शुरु से ही आवाज उठाते रहे हैं। दरअसल, आयोग का गठन करने और उसके अध्यक्ष के बदलने के बाद भी राज्य सरकार ने आयोग को कोई कार्यालय स्टाफ नहीं दिया। बस, चेयरमैन और सदस्य के रूप में ही यह आयोग चलता रहा। जनवरी, 2019 में आयोग ने सभी विभागों से कर्मचारियों संबंधी डाटा तलब किया था, लेकिन यह डाटा कम्पाइल करने के लिए आयोग के पास स्टाफ ही नहीं है और प्रदेश के 3.5 लाख कर्मचारियों का डाटा कब कम्पाइल होगा, इसके बारे में कोई भी दावे से कुछ कहने को तैयार नहीं है।
इसे देखते हुए सरकार ने 31 दिसंबर, 2019 तक आयोग का कार्यकाल बढ़ाया था। जुलाई, 2019 में राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग सेल को ही छठे पंजाब वेतन आयोग के सेल के रूप में स्थापित करने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य छठे पंजाब वेतन आयोग को आवश्यक सूचना/डाटा मुहैया कराना था, जिस पर वित्त आयोग सेल में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों को ही काम का जिम्मा सौपा गया था। यह फैसला वित्त मंत्री की मंजूरी के बाद लिया गया था।