पंचकूला। आधी-अधूरी तैयारी के साथ नगर निगम द्वारा झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा गिराने का लिया गया फैसला शहरवासियों पर भारी पड़ रहा है। झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड को जाने वाला रास्ता मिट्टी से बना होने के कारण बरसात के पानी में बहने के कारण बदहाल हो गया है। इस कारण वाहन निर्धारित स्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। यही कारण है कि पांच दिन से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। करीब चार सौ टन से ज्यादा कूड़ा शहर के अंदर पड़ा हुआ है। जिसका नतीजा यह है कि शहर डंपिंग ग्राउंड बन गया है। इसी के साथ हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और मेयर कुलभूषण गोयल का शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है।
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होने के कारण लोगों को गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं उन्हें गंदगी से बीमारी का भय सता रहा है। लोगों को डर है कि बरसात होने पर पानी के साथ कूड़ा घरों में घुस जाए। वहीं, लावारिस पशु कूड़े के ढेर में मुंह मार रहे हैं और आसपास से गुजरने वाले वाहन चालकों पर हमला कर रहे हैं। रविवार को अमर उजाला टीम ने शहर का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो स्थिति गंभीर दिखी।
बरसात हुई तो शहर के हालात और बिगड़ेंगे
सेक्टर और मार्केट के अंदर लगे कूड़े के ढेर को तत्काल न उठाया गया तो शहर की स्थिति और बिगड़ी सकती है। बरसात होने पर कूड़ा रोड गलियों, नालों और सीवरेज को जाम कर सकता है, जिससे शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। शहर में सेक्टर-19, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-7, सेक्टर-4 में कूड़े का ढेर लगा है और लावारिस पशु मुंह मार रहे हैं। इसके अलावा भी शहर के कई सेक्टरों में कूड़े से बुरा हाल है। लोग लगातार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि निगम को पहले झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड को जाने के लिए पक्की सड़क का निर्माण करना चाहिए था। इसके बाद कूड़े को वहां फेंकने का काम शुरू करवाना चाहिए था। झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड का रास्ता खराब होने से नगर निगम के कर्मचारी कूड़े को बीच रास्ते में ही गिरा रहे हैं।
रास्ता मिला तो दो दिन में शहर को कर देंगे साफ
नगर निगम के सैनिटेशन इंस्पेक्टर अविनाश ने बताया कि पांच दिन से शहर से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। इसका कारण झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड का रास्ता खराब होना है। रास्ता ठीक न होने के कारण वाहन निर्धारित स्थान तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। इसके चलते कूड़े को उठाने का काम बंद पड़ा है। यदि रास्ता ठीक हो जाए तो दो दिन के अंदर कूड़े को उठाकर शहर को साफ कर देंगे।
मुख्य बिन्दु
- 683 कर्मचारी शहर की सफाई के लिए तैनात हैं
- 100 टन कूड़ा शहर से निकलता है प्रतिदिन
- 45 ट्रैक्टर-ट्राली कूड़ा उठाने में लगे हैं
- 10 महिंद्रा पिकअप का भी हो रहा प्रयोग
- 02 डं पर और 02 रिफ्यूज कलेक्टर
सेक्टर-20 मार्केट का बुरा हाल
पंचकूला। पिछले पांच दिन से कूड़ा न उठने से सेक्टर-20 की मार्केट का बुरा हाल है। सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के वरिष्ठ उपप्रधान योगिंद्र क्वात्रा ने बताया कि बारिश के मौसम में बीमारी फैलने का भी डर पैदा हो गया है। क्योंकि बारिश में यहां दो फुट तक पानी इकट्ठा हो जाता है। उन्होंने कहा कि पंचकूला नगर निगम प्रशासन सोया हुआ है। बारिश के मौसम ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। सोसायटी के अंदर से निकलने वाले कूड़ा को गिराने से भी लोग मनाकर रहे हैं, जिसके चलते बहुत सारा कूड़ा लोगों के घरों में ही डंप है। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।