अमृतसर। घल्लूघारा बरसी के मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब पर किए गए फौजी हमले में शहीद हुए सिंह, सिंहनियों और बच्चों को श्रद्धा और सम्मान भेंट करने के लिए 6 जून को वार्षिक समागम का आयोजन होगा। इस उपलक्ष्य पर शुक्रवार को श्री अखंड पाठ साहिब शुरू किया गया। समारोह में भाई सुखदेव सिंह ने अरदास की और श्री अकाल तख्त साहिब के अतिरिक्त हेड ग्रंथी भाई मलकीत सिंह ने पावन हुक्मनामा करवाया।
इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर, महासचिव एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका और सदस्य मनजीत सिंह भूराकोहना मौजूद थे। जून 1984 के घल्लूघारा के मौके सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में सुशोभित जिस पावन स्वरूप को गोली लगी थी, उसे संगत दर्शन के लिए दूसरे दिन भी रखा गया। एसजीपीसी की ओर से यह पावन स्वरूप दर्शनों के लिए गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा गुरबख्श सिंह में सुशोभित किया गया था।
एसजीपीसी की प्रधान ने बताया कि हर साल की तरह श्री अकाल तख्त साहिब पर जून 1984 के घल्लूघारा संबंधी शहीदी समागम 6 जून को होगा। छह जून को शहीदों को श्रद्धा और सम्मान भेंट किया जाए। इस मौके पर एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव सुखदेव सिंह भूराकोहना, प्रताप सिंह, सुखमिंदर सिंह, उप सचिव कुलविंदर सिंह रमदास, सकत्तर सिंह, बलविंदर सिंह काहलवां, सुलखन सिंह भंगाली, गुरमीत सिंह बुट्टर, श्री दरबार साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह मथरेवाल, सुपरिंटेंडेंट मलकीत सिंह बहिड़वाल, ओएसडी अमरीक सिंह, डॉ. सुखबीर सिंह, मैनेजर बघेल सिंह, नरिंदर सिंह, जसपाल सिंह ढड्डे, दर्शन सिंह व फेडरेशन के नेता कंवरचढ़त सिंह गिल भी मौजूद थे।
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