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Panchkula News: रोहित गोदारा गैंग के शूटरों ने क्लब संचालक पर बरसाईं गोलियां, दो घायल, मुठभेड़ में दोनों शूटर गिरफ्तार

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पंचकूला सेक्टर-5 में क्लब संचालक पर फायरिंग कर भाग रहे गैंगस्टरों का रामगढ़ के नजदीक आमना-सामना
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रोहित गोदारा गैंग पर उगाही न देने पर हमले का आरोप, मुठभेड़ में दोनों के पैर में लगी गोली, दो पिस्टल बरामद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित स्विस लाउंज क्लब के बाहर बुधवार देर रात हुई फायरिंग की वारदात में कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग का नाम सामने आया है। बाइक सवार दो शूटरों ने क्लब संचालक रतन चंद उर्फ रतन लुबाना पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले में रतन चंद और एक अन्य युवक घायल हो गए। वारदात के कुछ ही देर बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने रामगढ़ क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरप्रीत निवासी होशियारपुर और जसविंदर निवासी जगरांव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी रोहित गोदारा गैंग से जुड़े हैं। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फायरिंग, रंगदारी और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। चंडीमंदिर थाना में पुलिस पर हमला करने का एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है।
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उगाही नहीं देने पर हमला कराने का आरोप
सेक्टर-6 एमडीसी निवासी नरेंद्र लुबाना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह भाजपा मोर्चा जिला पंचकूला के प्रधान हैं और उनकी पत्नी पार्षद हैं। उनके भाई रतन चंद चंडीगढ़ और पंचकूला में क्लब एवं रेस्टोरेंट का कारोबार करते हैं। सेक्टर-26 चंडीगढ़ में डी ओरा क्लब और सेक्टर-5 पंचकूला में स्विस लाउंज क्लब संचालित है।
शिकायत के अनुसार रतन चंद को लंबे समय से अलग-अलग मोबाइल नंबरों से रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही थी। शिकायत में कहा गया है कि 26 नवंबर 2024 को चंडीगढ़ स्थित डी ओरा क्लब पर बम से हमला हुआ था, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद धमकियां मिलनी जारी रहीं।

पार्किंग में खड़े थे, तभी बरसाईं गोलियां
पुलिस के अनुसार बुधवार देर रात रतन चंद अपने क्लब के बाहर पार्किंग क्षेत्र में खड़े थे। उनके साथ ललित नामक युवक भी मौजूद था। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और रतन चंद को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए रतन चंद भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए गोलियां चलाईं। एक गोली उनकी पीठ और दूसरी बाजू में लगी। वहीं ललित के कंधे में गोली लगी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। मौके से सात खाली खोल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। एक गोली पास के होटल के शीशे में भी लगी। घटना के दौरान वहां मौजूद एक बाउंसर बाल-बाल बच गया।

पीजीआई से मोहाली रेफर
घायलों को तुरंत सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। रतन चंद की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। बाद में उन्हें मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका ऑपरेशन किया गया। फिलहाल वह उपचाराधीन हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार अस्पताल ले जाते समय रतन चंद ने बताया था कि हमलावर वही लोग हैं, जो लंबे समय से रंगदारी की मांग कर रहे थे।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी लगातार फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। बचने के प्रयास में रतन चंद एक बार गिर भी गए, लेकिन फिर उठकर भाग निकले। भागते समय आरोपियों का एक बैग मौके पर ही छूट गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।

जान जोखिम में डालकर शूटरों को दबोचा
सेक्टर-5 स्थित क्लब के बाहर हुई फायरिंग के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने करीब 20 किलोमीटर तक हाईवे पर शूटरों का पीछा किया। डिटेक्टिव स्टाफ के पीएसआई सौरव रावत ने गोलियों की आवाज सुनते ही अपनी निजी कार से बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। बेला विस्टा गोल चाैक के पास आरोपियों ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायर किए लेकिन पीएसआई सौरव रावत बाल-बाल बच गए। ऑपरेशन के दौरान पुलिस लाइन मोगीनंद में तैनात मुख्य सिपाही कंवरपाल भी अपनी क्रेटा गाड़ी के साथ पीछा कर रही टीम में शामिल हो गए। इसके बाद पीएसआई विजय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच-26 और पीएसआई प्रवीण कुमार के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम भी अभियान में जुट गई। मट्टांवाला फ्लाईओवर के पास पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर आरोपियों की बाइक रोक ली। इसके बावजूद शूटरों ने पुलिस पर फायरिंग जारी रखी। आत्मरक्षा में पीएसआई प्रवीण कुमार और मुख्य सिपाही कंवरपाल ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। इसके बाद उन्हें हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
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ऑपरेशन में शामिल प्रमुख पुलिसकर्मी
पीएसआई सौरव रावत (डिटेक्टिव स्टाफ), मुख्य सिपाही कंवरपाल, पीएसआई विजय व उनकी क्राइम ब्रांच-26 टीम तथा पीएसआई प्रवीण कुमार व एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम।
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