शिरोमणी अकाली दल ने कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 57 हजार सरकारी नौकरियां देने का दावा करके पंजाब के लोगों को धोखा दिया है, क्योंकि राज्य सरकार ने विधानसभा में कहा है कि तीन वर्षों के दौरान सरकार ने 33 हजार नौकरियां दी हैं।
बुधवार को विधानसभा की मीडिया गैलरी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अकाली विधायक दल के नेता शरनजीत सिंह ढिल्लों तथा पूर्व मंत्री बिक्त्रस्म सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार ने सदन में एक जवाब देते हुए कहा है कि इसने तीन वर्षों में सिर्फ 33 नौकरियां दी हैं। इसके अलावा सरकार ने यह भी खुलासा किया है कि इसने 24 हजार कर्मचारियों की ठेके पर भर्ती की है, जिनकी सेवाओं को किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घर-घर नौकरी योजना के तहत 12 लाख नौकरियां देने के वादे की हवा निकल गई है और यह संख्या सिर्फ 33 हजार नौकरियों तक ही रह गई है। ढिल्लों और मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना वायरस का डर दिखाकर युवाओं को स्मार्ट फोन देने की जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को स्मार्ट फोन देने पर एक या दूसरा बहाना बनाकर टालती आ रही थी, लेकिन ब इसने यह कहकर युवाओं को डराने की कोशिश की है कि यह फोन कोरोना वायरस से प्रभावित हो सकते हैं और स्कीम बंद कर दी है।
अकाली दल ने यह कहते हुए छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने में की जा रही देरी की निंदा की कि मुख्यमंत्री ने एक और वर्ष के लिए कमीशन की बैठक मुल्तवी करने की घोषणा कर दी है। इसने छठे वेतन आयोग को लागू करने में तीन साल की देरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को वादे के अनुसार न तो बकाया डीए दिया जा रहा है और न ही उन्हें नियमित किया जा रहा है।