फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: 17 साल पुराने बाप-बेटे के दोहरे हत्याकांड में शिल्पी को 7वीं बार भी नहीं मिली जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
13 साल तक फरार रही थी आरोपी महिला, 2022 में गुजरात के वडोदरा से हुई थी गिरफ्तारी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-16 निवासी विनोद मित्तल और उनके चार वर्षीय बेटे यशन मित्तल के दोहरे हत्याकांड में आरोपी शिल्पा उर्फ शिल्पी को एक बार फिर अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने आरोपी महिला की सातवीं नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता, अपराध की जघन्य प्रकृति और आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने के रिकॉर्ड को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया।
सुनवाई के दौरान आरोपी शिल्पी की ओर से उसके अधिवक्ता ने दलील दी कि उसकी मां का निधन हो चुका है, जबकि पिता दिव्यांग हैं। इसके अलावा घर में उसकी नाबालिग बेटी की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। इन परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत देने की मांग की गई।
विज्ञापन

वहीं, सरकारी पक्ष ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी महिला गंभीर धाराओं के तहत चल रहे मामले में आरोपी है और लंबे समय तक फरार रहने का उसका रिकॉर्ड रहा है। जमानत मिलने की स्थिति में उसके दोबारा फरार होने अथवा गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

कर्ज की रकम और कार की किश्त लेने पहुंचे थे विनोद
मामला 14 फरवरी 2009 का है। पुलिस के अनुसार, गारमेंट्स और फाइनेंस का काम करने वाले सेक्टर-16 निवासी विनोद मित्तल अपने चार वर्षीय बेटे यशन के साथ आरोपी राजू के घर कार की किश्त और उधार दिए गए पैसों की वसूली के लिए गए थे। आरोप है कि इसी दौरान राजू ने अपनी पत्नी शिल्पी और अन्य साथियों के साथ मिलकर विनोद मित्तल की चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के दौरान उनके चार वर्षीय बेटे यशन को भी आरोपियों ने अगवा कर लिया।

इसके बाद दोनों के शवों को विनोद मित्तल की कार में ले जाया गया और राजपुरा-पटियाला के बीच नहर में फेंक दिया गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पंचकूला पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

चार आरोपी फरवरी 2009 में ही पकड़े गए
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में शामिल मोबीन, सोनू, अशोक और संजय को फरवरी 2009 में गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर सेंट्रो कार से खून और बाल के नमूने बरामद किए थे। इन नमूनों की जांच के दौरान उनका मिलान मृतक के पिता के डीएनए से हुआ था। हालांकि, मामले के मुख्य आरोपी राजू और उसकी पत्नी शिल्पी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। दोनों को दिसंबर 2009 में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस लगातार उनकी तलाश करती रही, लेकिन करीब 13 साल तक दोनों पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देते रहे।
विज्ञापन


13 साल बाद गुजरात से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को लंबे समय बाद आरोपियों के गुजरात में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पंचकूला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 16 जुलाई 2022 को मुख्य आरोपी राजू और उसकी पत्नी शिल्पी को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार कर लिया था। करीब 17 साल पुराने इस दोहरे हत्याकांड में आरोपी शिल्पी की ओर से अदालत में सातवीं बार नियमित जमानत की मांग की गई थी। लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के पूर्व में लंबे समय तक फरार रहने के तथ्य को देखते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी। इससे आरोपी महिला को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें