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Panchkula News: 68 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में शक्ति बासमती राइस के निदेशक दोषी करार, कंपनी पर भी जुर्माना

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पंचकूला। करनाल की शक्ति बासमती राइस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों को 68.41 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। यह फैसला विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार यादव की अदालत ने सुनाया है। अदालत ने कंपनी सहित इसके निदेशकों और चार्टर्ड अकाउंटेंट को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है और जुर्माना भी लगाया है।
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सीबीआई की विशेष शाखा, नई दिल्ली ने यह मामला 22 मई, 2020 को दर्ज किया था। यह शिकायत एसबीआई के स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच, चंडीगढ़ के तत्कालीन डीजीएम भारत भूषण कक्कड़ ने दी थी। आरोपियों ने बैंक से फर्जी बैलेंस शीट और झूठे दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया और करोड़ों रुपये धोखाधड़ी करके गबन कर लिए थे।



अदालत ने कंपनी को आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी मानते हुए 30 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। वहीं, निदेशक परवीन कुमार, सुरेश कुमार, बृज मोहन और सरोज बाला को 120-बी, 420, 468 व 471 धाराओं में दोषी करार दिया गया है। परवीन, सुरेश और बृज मोहन को ढाई-ढाई साल की सजा और जुर्माना सुनाया गया, जबकि बुजुर्ग सरोज बाला को डेढ़ साल कैद की सजा सुनाई है।
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वहीं, चार्टर्ड अकाउंटेंट नागेश कुमार को भी दो साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। एक अन्य आरोपी शामलाल की माैत हो चुकी है, जिससे उनके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई। सीबीआई के वकील ने बताया कि आरोपियों ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को झूठे दस्तावेजों से बेहतर दिखाया, बैंक से लोन लिया और फिर उस धन को दिल्ली की सात शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया। जांच में सामने आया कि बिना किसी असली व्यापार के करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। बैंक को कुल 68.41 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। अदालत ने माना कि यह सुनियोजित आपराधिक साजिश थी, जिसमें बैंक को ठगा गया और आरोपी आर्थिक लाभ उठाते रहे।
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