अमृतसर/पटियाला/चंडीगढ़। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर समेत कई अन्य किसान नेताओं को पुलिस ले हिरासत में ले लिया है जिसके विरोध में शनिवार को किसान मजदूर मोर्चा ने एक बैठक की। बैठक में फैसला लिया गया कि किसानों के विरोध से बौखलाई सरकार ने किसान नेताओं की गिरफ्तार की है लेकिन मोर्चा हर हाल में सीएम भगवंत मान से रविवार को उनके मजीठा दौरे के दौरान सवाल पूछेगा।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सबरा और प्रदेश महासचिव राणा रणबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने किसान मजदूर मोर्चा नेताओं के साथ तय हुई मांगों को लागू करने के लिए 7 जनवरी को पंजाब भवन में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक न करके किसान नेताओं का अपमान किया है। इसके विरोध में किसान मजदूर मोर्चा ने 18 जनवरी को मुख्यमंत्री के मजीठा दौरे के दौरान मांगों को लेकर सवाल पूछने का एलान किया था। हालांकि पंजाब सरकार ने देर रात से प्रदेश नेता सरवण सिंह पंधेर और 15 अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
किसान मजदूर मोर्चा और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने इस कार्रवाई की निंदा की है और एलान किया कि 18 जनवरी को हजारों किसान, मजदूर और महिलाएं मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के लिए अपने घरों से बाहर निकलेंगे और हर हाल में पुलिस बल का धैर्यपूर्वक सामना करेंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार ने 19 मार्च 2025 को शंभू-खनौरी सीमा पर 401 दिन से चल रहे आंदोलन को हटा दिया और इस दौरान उनका 3 करोड़ 77 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। कीमती सामान चोरी हो गया था या तोड़-फोड़ कर नष्ट कर दिया गया। करीब 435 घायलों और 49 शहीद किसानों और मजदूरों को आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि अगर किसानों और मजदूरों की मांगें तुरंत नहीं मानी गईं तो पंजाब सरकार को बड़े पैमाने पर संघर्ष का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
ये हैं किसानों की मुख्य मांगें
-शंभू, खनौरी मोर्चों में हुए 3 करोड़ 77 लाख रुपये के नुकसान की पूरी भरपाई की जाए
-घायल और शहीद किसान, मजदूरों के परिवारों को तुरंत मुआवजा दिया जाए
-विद्युत संशोधन विधेयक 2025 रद्द किया जाए और प्रीपेड मीटर लगाना बंद किया जाए
-सरकारी संस्थानों की जमीनों की बिक्री तुरंत रोकी जाए
-संघीय ढांचे के केंद्रीकरण और सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण को रोका जाए
-बीज अधिनियम 2025 व अमेरिका के साथ किए जा रहे शुल्क-मुक्त व्यापार समझौते को रद्द किया जाए
-मनरेगा में बदलाव रद्द किए जाएं
-मनरेगा के तहत 200 दिन का काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी दी जाए
-बाढ़ से संबंधित बकाया मुआवजा तुरंत दिया जाए
-पराली जलाने से जुड़े दर्ज मामलों को रद्द किया जाए