चंडीगढ़। हरियाणा में पीजीटी संस्कृत पद पर चयनित अभ्यर्थी भर्ती रद्द होने से खफा हैं। उनकी मांग सरकार से नई भर्ती की जगह पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति देने की है।
अभ्यर्थी गीता शर्मा, भागवंती, रेखा रानी, मीनाक्षी, सुदेश, संजीव, नरेंद्र, विनोद ने बताया कि वह सरकार के निर्धारित तमाम मापदंडों या विज्ञापन की शर्तों को पूरा करते हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश पर 1 जनवरी 2019 को फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया था। जिसमें कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी करने के लिए कहा था। उसके बाद फरवरी 2019 में ही शिक्षा सदन में दस्तावेज सत्यापन हुआ, तब से ही हाईकोर्ट में लगातार इस भर्ती से संबंधित सुनवाई हो रही है। मामला पूरी तरह से न्यायालय के पास विचाराधीन है। इन तमाम परिस्थितियों में अभी दूध का दूध और पानी का पानी होना बाकी है। जिसकी सुनवाई 2 मार्च 2021 को होनी है। उससे पहले ही सरकार ने नया विज्ञापन निकालकर कहीं ना कहीं इन भावी शिक्षकों का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से निकाले गए नए विज्ञापन को रदद कर पुरानी भर्ती की तमाम पूरी हो चुकी प्रक्रिया को हरी झंडी दे और लगातार 5 साल से भर्ती की उम्मीद लगाए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएं।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार शिक्षित बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। उन्होंने सरकार से अपने निर्णय को रद्द कर चयनित संस्कृत टीचर को बिना किसी देरी के ज्वाइन करवाने की मांग की है।