चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सांझ शक्ति योजना के तहत अब राज्य में महिलाएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक अपराध, शोषण या घरेलू हिंसा के किसी भी अपराध की रिपोर्ट ‘181’ पर कॉल करके दे सकते हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा सोमवार को वर्जुअल तौर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य के सभी 382 पुलिस स्टेशनों में सांझ शक्ति हेल्प डेस्क स्थापित किए गए और सांझ शक्ति हेल्पलाइन ‘181’ भी शुरू की गई थी। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से कहा है कि वे किसी जुर्म के बारे में सूचना देने में संकोच न करें।
डीजीपी गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि कुल 382 हेल्प डेस्क में से 266 सांझ केंद्र कार्यशील हैं, जो थानों के पास ही अलग सांझ केंद्र इमारतों में स्थित हैं। बाकी 116 हेल्प डेस्क सांझ केंद्र की इमारतें न होने के कारण पुलिस स्टेशनों में स्थापित किए गए हैं। सांझ केंद्रों में आने वाले शिकायतकर्ताओं को वहां तैनात पंजाब पुलिस महिला मित्र (पीपीएमएम) या वुमन पुलिस फ्रेंड के साथ बातचीत करते समय भरोसे योग्य माहौल प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक हेल्प डेस्क पर दो पीपीएमएम तैनात होंगी, जो बयान दर्ज करवाएंगी और रेफरेंस के लिए शिकायतकर्ता को एक विलक्षण पहचान नंबर भी प्रदान करेंगी।
डीजीपी ने बताया कि ‘181’ हेल्पलाइन पर घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या अन्य परेशानी आदि की रिपोर्ट करने के अलावा, शिकायतकर्ता साइबर क्राइम जैसे तस्वीरों से छेड़छाड़, महिलाओं की नकली प्रोफाइल बनाना, साइबर स्टॉकिंग या सोशल मीडिया, इंटरनेट या ई-मेल द्वारा शोषण की रिपोर्ट कर सकता है। जांच के लिए यह केस राज्य के साइबर क्राइम सेल को भेजे जाएंगे। 181 हेल्पलाइन पर तैनात पुलिस अधिकारी आरोपियों को बुलाएंगे और उनको कानूनी नतीजों के बारे में चेतावनी देंगे और अगर ऐसा शोषण बंद न हुआ तो शिकायतकर्ता की फीडबैक के बाद कानूनी कार्रवाई भी आरंभ की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि शिकायतकर्ता इस हेल्पलाइन पर नशा तस्करी/पैडलिंग संबंधी भी सूचना दे सकते हैं।