15 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे पर अंडरपास
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे स्थित सेक्टर 26-27 डिवाइडिंग रोड पर 20 मीटर का अंडरपास का एक हिस्सा तैयार हो गया है। दूसरा हिस्सा तैयार होने के बाद रास्ता खोला दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 15 करोड़ का है। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी ऊंचाई साढ़े चार मीटर होगी। यू टर्न के लिए साथ में पैडेशियन अंडरपास का भी जल्द काम शुरू होगा। यह छह बाय तीन का होगा। इस अंडरपास के निर्माण के बाद सेक्टर-25, 26, 27, 28 सहित आसपास के करीब 50 हजार लोगों को राहत मिलेगी। इन सेक्टरों की ओर से आने वाली गाड़ियां जिन्हें आईटीबीपी और रामगढ़ की तरफ जाना है, वह सीधा अंडरपास से निकल जाएंगी। वहीं पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे अंडरपास के जंक्शन के ऊपर से निकलेगा। इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और ट्रैफिक की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।
अंडरपास बनाने की क्यों पड़ी जरूरत
पिछले दो साल में यहां दो लोगों की मौत हो चुकी है और 22 लोग घायल हो चुके हैं। अंडरपास बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के पास करीब 20 से ज्यादा शिकायतें दी गईं थीं। पार्षद कुलदीप सोही ने बताया कि उन्होंने खुद चार बार अथॉरिटी को पत्र लिखा। लोगों की मांग को पूर्व विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचाया। जिस पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने जनवरी 2024 में यहां अंडरपास बनाने की मंजूरी दी।
रिंग रोड का ट्रैफिक भी आसानी से निकलेगा
जीरकपुर रिंग रोड का ट्रैफिक भी पीरमुछल्ला से होते हुए पंचकूला के सेक्टर-25-26 से सेक्टर-26 और 27 के अंडरपास से सीधा पंचकूला-यमुनानगर मार्ग पर निकल जाएगा। इससे हाईवे पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी और घग्गर पार के सेक्टरों के लोगों को भी दिक्कतें नहीं आएंगी।
कोट
सेक्टर 26-27 डिवाइडिंग रोड पर 15 करोड़ की लागत से अंडरपास का काम निर्माण किया जा रहा है। अक्तूबर 2025 तक प्रोजेक्ट का काम पूरा करने का लक्ष्य है। अभी अंडरपास के स्पैन पर काम चल रहा है। यहां 20-20 मीटर के दो स्पैन बनाए जाएंगे। -राहुल सोखल, उप महाप्रबंधक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण