पंचकूला। शहर के चार मुख्य सेक्टरों, दो कॉलोनियों और एक गांव को कवर करने वाला सेक्टर-16 अर्बन हेल्थ सेंटर सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। न इमरजेंसी की सुविधा है और न ही इवनिंग ओपीडी लगाई जा रही है। इसका खामियाजा हेल्थ सेंटर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सुविधाएं नहीं मिलने पर लोगों को मजबूरी में करीब 3 किलोमीटर दूर सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में जाना पड़ता है।
शहर के सेक्टर-16 स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर के अंतर्गत, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-17, सेक्टर-18, राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और बुढ़नपुर गांव आते हैं। इन क्षेत्रों में करीब 50 से 60 हजार लोग रहते हैं। इन लोगों को जब भी स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होती है तो वे अर्बन हेल्थ सेंटर में ही पहुंचते हैं। मगर यहां पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें या तो सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल जाना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
कालोनियों के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी की कमी के कारण इन्हें भटकना पड़ता है। वहीं पहले सेक्टर-16 और उसके बाद सेक्टर-6 में जाने पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। राजीव कालोनी, इंदिरा कालोनी और बुढ़नपुर में मध्यम और निम्न वर्ग क लोग रहते हैं। कई बार तो लोग किराये के वाहन में पहुंचते हैं। यहां सुविधा नहीं मिलने पर सेक्टर-6 तक जाने के लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। इंदिरा कालोनी निवासी डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि इवनिंग ओपीडी की सुविधा अर्बन हेल्थ सेंटर में नहीं होने के चलते, सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है।
24 घंटे मेडिसन ओपीडी की घोषणा की गई थी, मगर कभी लागू नहीं हुई। पहले सुबह 8 से रात 8 बजे तक ओपीडी चलती थी। बाद में सात बजे बंद किया जाने लगा। कोरोना के बाद तो बिल्कुल ही भट्ठा ही बैठ गया है। सुविधाएं भी कुछ खास नहीं मिल रही हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में भी मामला कई बार लाया जा चुका है, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। - सुभाष पपनेजा, सेक्टर-16
अभी देश पूरी तरह कोरोना से मुक्त भी नहीं हुआ है और यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में कटौती की जा रही है। चौथी लहर का खतरा भी बताया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं की नींव मजबूत की जाए। चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के नाम पर बहानेबाजी नहीं करनी चाहिए। अगर स्टाफ कम है तो सरकार को नई भर्तियां करनी चाहिए। - पुनीत गुप्ता, सेक्टर-16
इतने लंबे क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का जरिया यही अर्बन हेल्थ सेंटर है। इसलिए यहां पर 24 घंटे ओपीडी और इमरजेंसी की सुविधा होनी चाहिए। कोई अगर जरा सी चोट लगने के बाद भी हेल्थ सेंटर जाता है तो उसे सेक्टर-6 में रेफर कर दिया जाता है। सही तरीके से फर्स्ट एड की सुविधा भी यहां के लोगों को नहीं मिल पा रही है। उच्चाधिकारियों को इस बारे में गौर करना चाहिए। - शिप्रा मक्कड़, सेक्टर-16
अगर सरकार के पास संसाधन नहीं है तो फिर शाम की ओपीडी पहले शुरू ही नहीं करनी चाहिए थी। कई बार लोग उम्मीद लेकर हेल्थ सेंटर में आते हैं, मगर उन्हें बाद में पता चलता है कि शाम को मरीजों की जांच ही नहीं की जाती है। फिर उन्हें सेक्टर-6 में जाना पड़ता है। यह मांग कई बार उठाई जा चुकी है, मगर समाधान नहीं होने के कारण लोग परेशानी झेल रहे हैं। - एमएल मल्होत्रा, सेक्टर-16
दिन में हर रोज 200 से 230 ओपीडी आ रही है। स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के चलते इवनिंग ओपीडी बंद की गई है। स्टाफ के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। स्टाफ मिलने के बाद फिर से इवनिंग ओपीडी शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. ललिता, एसएमओ, अर्बन हेल्थ सेंटर, सेक्टर-16।