पंचकूला/कालका। पंचकूला जिले में पेपरलेस रजिस्ट्री के दूसरे दिन केवल पांच रजिस्ट्री हुई।तकनीकी खामियों के चलते सोमवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। सॉफ्टवेयर चलने के बाद मंगलवार को पंचकूला तहसील में दो, बरवाला में भी दो और रायपुररानी में एक रजिस्ट्री हुई। वहीं, कालका में सॉफ्टवेयर नहीं चलने के कारण एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। इस कारण आने वाले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
कालका में अधिकारियों से बात की गई ताे उनका कहना था कि मंगलवार दोपहर तक उनके पोर्टल पर कोई डाॅक्यूमेंट रिसीव नही हुआ है। पेपरलेस रजिस्ट्री का मकसद रजिस्ट्री प्रक्रिया को कागज रहित और पारदर्शी बनाना है। शुरुआती दिनों में यह साफ हो गया कि डिजिटल बदलाव की राह इतनी आसान नहीं होगी।
लोगो पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
एडवोकेट सुशील गर्ग ने नए सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें बहुत सी खामियां होने के कारण लोगो की परेशानी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री करवाने के लिए जो टोकन लेना पड़ता था, वह फ्री ऑफ कॉस्ट था। अब उस टोकन के लिए 503 रुपये अदा करने पड़ेंगे। यदि किसी कारणवश रजिस्ट्री नहीं हो पाती है तब दोबारा टोकन लेने के लिए फिर से 503 रुपये देने पड़ेंगे। इससे लोगो का आर्थिक नुकसान होगा।
कोट
आरसी के पोर्टल पर मंगलवार तक एक भी रजिस्ट्री रिसीव नही हुई है। रिसीव होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। लोगो को ऑनलाइन पोर्टल बारे जागरूक किया जाएगा। -विवेक गोयल, तहसीलदार कालका