संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। बहुचर्चित रायकोट रिश्वतकांड में फंसे एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। एडिशनल सेशन जज अमरिंदर सिंह शेरगिल की अदालत ने 1 से 3 जुलाई तक लगातार सुनवाई की और वीरवार को राहत देने से इंकार करते हुये अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। गौरतलब है कि 12 जून को रायकोट स्थित एसडीएम दफ्तर में डीएसपी शिव चंद की विजिलेंस टीम ने एसडीएम कोहली के स्टेनो जतिंदर सिंह नीटा को रिश्वत के 24 लाख 6 हजार रुपये समेत रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
विजिलेंस टीम आने से पहले कोहली खुद दो बैग लेकर अपने ड्राइवर के साथ सरकारी जीप में फरार हो गये थे। रायकोट के विधायक हाकम सिंह ठेकेदार के निजी सचिव करमजीत सिंह कमल सुखाणा के बयान पर लुधियाना के विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम की विभिन्न धारा में मुकदमा नंबर 14 दर्ज किया गया था। इस मामले में विजिलेंस ने स्टेनो जतिंदर सिंह नीटा और यूथ अकाली दल के सीनियर उप प्रधान सुखजीत सिंह बग्गी झोरड़ां को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बग्गी झोरड़ां ने जमींन केस को अपने हक में करवाने के लिये स्टेनो नीटा के माध्यम से रिश्वत दी थी | एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली ने एडवोकेट पवन घई को हायर किया था जिन्होंने 18 जून को उनकी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। हालांकि गर्मियों की छुट्टियों में अदालत ने कई बार सुनवाई की पर विजिलेंस ने स्टेटस रिपोर्ट और रिकॉर्ड पेश नहीं किया। 27 जून को माननीय एडिशनल सेशन जज जगदीप सूद की अदालत में जांच अधिकारी डीएसपी शिव चंद पेश जरूर हुए थे।
गौरतलब है कि पिछले 22 दिन से भूमिगत चल रहे एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली के पास अब हाईकोर्ट जाने का विकल्प खुला है, इसके अलावा वो अदालत या विजिलेंस के आगे आत्मसमर्पण भी कर सकते हैं | एसडीएम कोहली की रीडर करमजीत कौर, बड़ैच गांव के किसान सुखदेव सिंह उनके बेटे अमनदीप सिंह और जट्टपूरा के किसान रघबीर सिंह समेत कई अन्य के ब्यान विजिलेंस ने पहले ही कलमबंद करके फाइल का हिस्सा बना लिये हैं इसके अलावा बग्गी झोरड़ां की फार्चूनर कार भी जब्त की गई है | एसडीएम कोहली, स्टेनो जतिंदर सिंह नीटा की चल अचल संपत्ति और बैंक अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं |