पंचकूला। विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा सचिवालय में जिले के आला पुलिस अधिकारियों और नशा उन्मूलन कमेटी के साथ बैठक की। बैठक में नशे के खात्मे के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही नशा करने वालों और इस कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करने की भी रणनीति बना ली है। विस अध्यक्ष ने बैठक में मौजूद डीसीपी मोहित हांडा से जिले में नशाखोरी से संबंधित केसों का ब्योरा भी तलब किया है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नशा उन्मूलन समिति गठित कर दी गई है। इस समिति में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकार वीके कपूर, पूर्व जिलाधीश विवेक अत्रे, डॉ. प्रदीप अग्रवाल, डीपी सोनी और डीपी सिंहल शामिल हैं। विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि नशा न केवल समाज को खोखला करता है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य को भी अंधकारमय कर देता है। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को किसी भी कीमत पर नशे के दलदल में फंसने नहीं दे सकते हैं। इसके लिए पंचकूला जिले में युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत दो मोर्चों पर काम करना होगा। पहला जन-जागरण और दूसरा कड़ी पुलिस कार्रवाई। 8 जनवरी को अमर उजाला ने माई सिटी में इस संदर्भ में ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
प्रतियोगिताएं करवाकर फैलाएं जागरुकता
बैठक के दौरान सुझाव आया कि जनजागरण अभियान में समाज सेवी संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों को शामिल किया जाना चाहिए। इसके तहत रंगोली, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग इत्यादि प्रतियोगिता करवाई जाएंगी। इसी प्रकार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नाट्य मंच के कलाकारों की मदद ली जाएगी। नगर निगम की तरफ से शहर में स्थापित इलेक्ट्रानिक विज्ञापन बोर्डों पर भी नशे से दूर रहने के संदेश प्रसारित होंगे।
जड़ी-बूटी बेचने वालों पर हो कार्रवाई
विधान सभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने जड़ी-बूटी बेचने की आड़ में नशे का कारोबार करने वाले देसी दवाखानों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बैठक में मौजूद सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकार वीके कपूर ने कहा कि इस दिशा में इंटेलिजेंस विंग की सेवाएं लेनी चाहिए। डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि नशाखोरी से संबंधित जिले में वर्ष 2020 में 57 मामले दर्ज किए थे, जबकि 2021 में इस प्रकार के केसों की संख्या 85 रही है।