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स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता पर चंडीगढ़ ने मारी बाजी, दिल्ली को पछाड़ पहले नंबर पर काबिज

Tue, 01 Oct 2019 04:10 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता के मामले में चंडीगढ़ ने दिल्ली समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पछाड़ दिया है। नीति आयोग द्वारा जारी पहली स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स (एसईक्यूआई) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। देशभर के राज्यों से मिले आंकड़ों का अध्ययन कर नीति आयोग ने सोमवार को रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा ने स्कूली शिक्षा में सबसे तेजी से सुधार किया है, जबकि पंजाब की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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केंद्र शासित क्षेत्रों में चंडीगढ़ पहले, दिल्ली दूसरे, पुड्डुचेरी तीसरे, दमन व दीव चौथे, दादर व नगर हवेली पांचवें, अंडमान निकोबार द्वीप समूह छठे और लक्षद्वीप सातवें नंबर पर है। रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा, असम और उत्तर प्रदेश ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रदर्शन में तेजी से सुधार किया है। वहीं, 20 बड़े राज्यों में केरल प्रथम स्थान पर काबिज है जबकि तमिलनाडु दूसरे, हरियाणा तीसरे और झारखंड अंतिम पायदान पर है।

इस तरह छोटे राज्यों में शिक्षा के सभी क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर त्रिपुरा पहले स्थान पर, गोवा दूसरे पर और मणिपुर तीसरे स्थान पर है। इस सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल ने भाग नहीं लिया। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत, आलोक कुमार और स्कूली शिक्षा सचिव रीना रे तथा भारत में विश्व बैंक के कंट्री मैनेजर हिशम अब्दो काहिन और शबनम सिन्हा ने इस रिपोर्ट को सोमवार को दिल्ली में जारी किया।
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क्या है स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स?
नीति आयोग ने स्कूली शिक्षा क्षेत्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए विश्व बैंक और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह रिपोर्ट तैयार की है। आयोग ने लर्निंग आउटकम सहित 30 मानकों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। इसे तैयार करने के लिए 2016-17 के आंकड़ों का उपयोग किया गया है।

इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी ताकत और कमजोरियों की पहचान कराकर अपेक्षित सुधार या नीतिगत हस्तक्षेप के लिए एक मंच प्रदान करके शिक्षा नीति पर ध्यान केंद्रित करना है। स्कूली शिक्षा प्रणाली का आकलन अध्यापकों की रिक्तियां, लीडरशिप पोजीशन पर सीधी नियुक्ति, स्कूल का इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि के आधार पर किया गया। जानकारी के अनुसार सुधार कार्य में राज्यों के सहायता के लिए सरकार द्वारा अलग से फंड की व्यवस्था भी की जाएगी।

चंडीगढ़ पिछले कई सालों से एजुकेशन में क्वालिटी लाने के लिए काम कर रहा है। इसके लिए फीनिक्स एप को भी लांच किया गया है। शहर के स्कूलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी बेहतर है। पिछले सालों में किए गए प्रयोग के नतीजे सामने आ रहे हैं। शहर के स्कूल वर्ष 2021 में पीसा टेस्ट में भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। - बीएल शर्मा, एजुकेशन सेक्रेटरी, चंडीगढ़

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