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पंचकूला में नियमों को ताक पर सड़क पर दौड़ रही हैं स्कूली बसें

Sun, 10 Jul 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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स्कूल बस - फोटो : अमर उजाला
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स्कूल खुल गए हैं और बच्चों को लेने के लिए निकल पड़ी हैं स्कूली बसें। इसमें से कई स्कूल बसें ऐसी हैं जिनको नियम और कायदों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा है। किसी स्कूली बस में सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है तो किसी में बस की क्षमता से ज्यादा बच्चे हैं। इतना ही नहीं, कई बसों में तो प्राथमिक उपचार के लिए स्कूल बसों में ट्रेंड अटेंडेंट और कंडक्टर तक नहीं हैं। 
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जिले में चल रही 70 फीसदी स्कूल बसों में अटेंडेंट के पास फर्स्ट एड की सर्टिफिकेट्स तक नहीं है। कुछ स्कूल बसों में इमरजेंसी खिड़की तक नहीं है। आरटीओ ऑफिस की ओर से आयोजित रोड सेफ्टी की मीटिंग में पंचकूला उपायुक्त ने निर्देश दिए थे कि स्कूल बसों में लगाए जाने वाले अटेंडेंट के पास प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग होनी चाहिए। बिना ट्रेनिंग स्कूल बसों के अटेंडेंट काम कर रहे हैं। कई स्कूल बसों में तो फर्स्ट एड के बॉक्स अपडेट नहीं किए जाते।
 
बसों में ये सुविधा अनिवार्य
बसों की खिड़कियों में सेफ्टी राड्स, दरवाजे से सटी सीट पर सुरक्षित जाली या मेटेलिक कवर ताकि छोटे बच्चों के साथ बस में किसी तरह का हादसा न हो या वे फिसलकर नीचे न गिर जाएं। बस में सीसीटीवी कैमरे जरूरी। बस में दो इमरजेंसी गेट एक साइड पर और एक पीछे। प्राथमिक उपचार बॉक्स होना चाहिए। आग बुझाओ यंत्र मौजूद हो। स्टोरेज रैक ऊपर की बजाय बच्चे की सीट के नीचे हो। बस के चारों इंडिकेटर चलते हैं तो बीप होना जरूरी। बस में लड़की है तो लेडी अटेंडेंट का होना अनिवार्य। बस में चढ़ने के दौरान स्टेप का साइज छह इंच होना चाहिए। कंडक्टर बहुत जरूरी और उसे पूरी ट्रेनिंग होना जरूरी। एक महीने की सीसीटीवी रिकार्डिंग का रिकार्ड होना जरूरी बसों का रंग पीला हो। गोल्डन ब्राउन रंग की पट्टी पर स्कूल का नाम लिखा होना चाहिए। बस पर डीटीओ का मोबाइल नंबर लिखा होना जरूरी।
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अब तक चार स्कूल बसों के अटेंडेंट्स को फर्स्ट एड की ट्रेनिंग रेडक्रॉस सोसाइटी के तरफ से दी गई है। विजय लक्ष्मी, सेक्रेट्री, रेडक्रॉस सोसाइटी पंचकूला।

अधिकतर स्कूल बसों के अटेंडेंट्स ने फस्र्ट एड की ट्रेनिंग नहीं ली है। इसके लिए रोड सेफ्टी की मीटिंग के दौरान स्कूल संचालकों को निर्देश भी दिए गए थे। इतना ही नहीं स्कूल बसों में क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाए जाते हैं। सुभाष कपूर, प्रेसिडेंट, आरएसओ पंचकूला।

कोट्स
बस ड्राइवरों और कंडक्टर के लाइसेंस की चेकिंग की जाएगी। वहीं बसों की ओवर लोडिंग की भी जांच होगी । नियमों का पालन नहीं करने वाले ड्राइवरों और कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। अमरजीत सिंह, आरटीओ पंचकूला।
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