मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण के दौरान नवजोत सिद्धू को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि जो कभी कहते थे कि स्टेज चलाना और स्टेट चलाना अलग बात है, वह आज न तो स्टेज के लायक हैं और न ही स्टेट के लायक।
पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को पहला मौका था जब सूबे के मुख्यमंत्री और सदन के नेता भगवंत मान किसी प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। इस दौरान भगवंत मान अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखाई दिए। अपनी हाजिर-जवाबी, सिस्टम पर कटाक्ष करने की कला उनके भाषण में शामिल रही। उन्होंने विपक्ष को जिस तरीके से घेरा, सदन में सदस्यों को हंसने का मौका भी मिलता रहा।
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भाजपा पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि नागपुरी संतरे तो देखे हैं, लेकिन नागपुरी भाषण पहली बार सुना है। मान भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा द्वारा चंडीगढ़ संबंधी प्रस्ताव पर उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे। मान यह कहना चाह रहे थे कि भाजपा सदस्य नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय के दिशानिर्देशों पर ही चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण के दौरान नवजोत सिद्धू को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि जो कभी कहते थे कि स्टेज चलाना और स्टेट चलाना अलग बात है, वह आज न तो स्टेज के लायक हैं और न ही स्टेट के लायक। वह पंजाब का नहीं बल्कि अपने नाम का मॉडल उठाए फिर रहे थे। मान ने कहा कि विधायक परगट सिंह ने कहा है कि जिन्होंने गलत काम किया है उन्हें ठोको, लेकिन बात-बात पर ठोको ताली कहने वाले तो सदन में आए ही नहीं।
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वहीं भगवंत मान जब अपनी बात रख रहे थे तो निर्दलीय विधायक इंद्रप्रताप सिंह अपनी सीट से खड़े होकर बोलने लगे। वह अपने हलके के मुद्दे सदन में रखना चाह रहे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी बात रखने का भरोसा भी दिलाया, लेकिन वह लगातार बोलते रहे। स्पीकर ने भी इंद्रप्रताप को रोका, लेकिन वह नहीं रुके। तब मुख्यमंत्री ने सदन में बैठे इंद्रप्रताप के पिता और कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह से कहा कि इसमें (इंद्रप्रताप में) रेत खड्डे और चीनी मिलें बोल रही हैं।